यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंककर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की. हड़ताल का असर जिले की बैंकिंग व्यवस्था पर भी साफ दिखा. करीब 145 बैंक शाखाएं बंद रहीं और बैंकिंग कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा. इससे ग्राहकों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी.
पांच दिन बैंक खोलने की मांग
बैंककर्मियों की मुख्य मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) की विसंगतियां दूर करना और लंबित मांगों का समाधान करना शामिल है. यूनियन नेताओं का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) 8 मार्च 2024 को सहमति दे चुका है.
सहमति के बाद भी लागू नहीं हुई व्यवस्था
यूनियन के अनुसार, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के लिए अन्य कार्यदिवसों में रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रावधान भी तय हुआ था. इसके बावजूद अब तक व्यवस्था लागू नहीं होने से बैंककर्मियों में नाराजगी है. नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के कई उपक्रमों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था पहले से लागू है.
एसबीआई के सामने किया प्रदर्शन
हड़ताल के दौरान बैंककर्मियों ने बड़ी बाजार स्थित एसबीआई शाखा के सामने बैनर लगाकर प्रदर्शन किया. इसके बाद कर्मचारी जुलूस की शक्ल में निकले और निजी बैंकों को भी बंद कराया. कार्यक्रम का नेतृत्व ब्रजकिशोर महतो ने किया. प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठायी.
आरबीआई में पांच दिन काम, बैंकों में भी यही मांग
यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले भारतीय रिजर्व बैंक में भी पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है. ऐसे में आम बैंकों में भी पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की व्यवस्था लागू होनी चाहिए. नेताओं ने कहा कि इससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी और कामकाज का बेहतर संतुलन बनेगा.
ग्राहकों से मांगी माफी, आगे फिर हड़ताल की चेतावनी
बैंककर्मियों ने हड़ताल के कारण ग्राहकों को हुई परेशानी के लिए खेद जताया. नेताओं ने कहा कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है. उन्होंने चेतावनी दी कि शुक्रवार की हड़ताल सिर्फ सांकेतिक है. मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो 28, 29 और 30 सितंबर को फिर हड़ताल की जाएगी.
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर इसके बाद भी मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का कदम उठाया जा सकता है. बैंककर्मियों ने सरकार से जल्द बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान करने की मांग की.
50 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित
जिले की करीब 145 बैंक शाखाएं बंद रहने से एक दिन में 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया गया है. बैंक बंद रहने के कारण जमा-निकासी, चेक, ड्राफ्ट समेत कई जरूरी बैंकिंग काम नहीं हो सके. इससे आम ग्राहकों और कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
