लंबित मागों को लेकर आशा ने सीएचसी में जड़ा ताला, कर्मियों को बनाया बंधक
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं ने आठ माह से लंबित मानदेय भुगतान से आक्रोशित होकर सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया
By ANAND KUMAR | Updated at :
हवेली खड़गपुर.
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं ने आठ माह से लंबित मानदेय भुगतान से आक्रोशित होकर सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया. आक्रोशित कर्मियों ने बीसीएम और अकाउंटेंट को कक्ष के अंदर में रखकर बाहर से ताला जड़ दिया. इसके बाद डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर कमरा का ताला खुलवाया. इसके बाद दोनों कर्मी कमरे से बाहर हुए. जानकारी के अनुसार प्रखंड में लगभग 185 आशा कर्मियों का पिछले आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. इससे नाराज आशा कर्मियों ने सीएचसी पहुंचकर विरोध जताया और कार्यालय में तालाबंदी कर धरना पर बैठ गयी. आशा कर्मी मन्दाकिनी गंगा, रेखा, रंजू देवी, शालिका, रानी, रमनीन देवी, सपना, किरण कुमारी, शिरोमणि कुमारी, पूनम कुमारी और नीलम कुमारी सहित अन्य ने बताया कि वे लोग प्रखंड क्षेत्र में टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल सहित सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में दिन-रात कार्य करती है. उनके मेहनत के बल पर खड़गपुर को जिला ही नहीं बल्कि राज्य स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए पुरस्कार मिला है. बावजूद हमलोगाें को आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. मार्च माह चल रहा है, यदि अभी मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो भुगतान और लंबित हो सकता है. जबकि अन्य प्रखंडों में आशा कर्मियों का भुगतान कर दिया गया है. इसके अलावा वर्ष 2024 का भी एक माह का मानदेय अभी तक बकाया है. इधर आशा कर्मियों के तालाबंदी की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और आशा कर्मियों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया. पुलिस की पहल पर अकाउंटेंट चंदन कुमार और बीसीएम नीतू कुमारी को कमरे से बाहर निकाला गया. जिसके बाद अकाउंटेंट से वार्ता कर जल्द मानदेय भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया. इधर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुबोध कुमार ने बताया कि मामले का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है.