Aaj Ka Darshan: बिहार के ऐतिहासिक शहर मुंगेर का शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां माथा टेकने आते हैं. मंदिर परिसर हर समय “जय माता दी” के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंजता रहता है.
मां के दरबार में अटूट है भक्तों की आस्था
शादीपुर की बड़ी दुर्गा महारानी को लेकर लोगों में गहरी श्रद्धा है. मुंगेर के अलावा खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय और जमुई जैसे जिलों से भी भक्त यहां पहुंचते हैं. कई श्रद्धालु वर्षों से नियमित रूप से मां के दरबार में पूजा-अर्चना करने आते हैं. लोगों का विश्वास है कि यहां मांगी गई मन्नत कभी अधूरी नहीं रहती.
सुबह की आरती से भक्तिमय हो उठता है माहौल
मंदिर में सुबह होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होती है. ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच जब आरती शुरू होती है तो पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब जाता है. श्रद्धालु धूप, दीप और पुष्प अर्पित कर मां से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं.
नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब
वैसे तो मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान यहां का दृश्य बेहद भव्य हो जाता है. हजारों की संख्या में भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती. प्रशासन को सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है.
संकटों से मुक्ति की मान्यता खींच रही भक्तों को
धार्मिक मान्यता है कि बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में आने वाले भक्तों के दुख और संकट दूर होते हैं. यही वजह है कि जीवन की परेशानियों से जूझ रहे लोग मां का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते हैं. भक्तों का कहना है कि मां के दरबार से उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा मिलती है.
Also Read: विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर बेगूसराय से टोक्यो तक गूंजा ‘पीरियड जागरूकता अभियान’
