गंगा दशहरा पर मुंगेर के घाटों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर हर गंगे से गूंजा माहौल

Aaj Ka Darshan : कष्टहरणी घाट पर दर्शन के लिए लगी लंबी कतार, मां गंगा की आरती ने मोहा मन

Aaj Ka Darshan : मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट. गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सोमवार को मुंगेर के गंगा घाट भक्ति और आस्था के रंग में रंगे नजर आए. अहले सुबह से ही बबुआ घाट, सोझी घाट और कष्टहरणी घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. मां गंगा में डुबकी लगाने और पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा घाट क्षेत्र गूंज उठा. हर तरफ “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” की ध्वनि सुनाई देती रही.

मां गंगा में डुबकी लगाने उमड़े हजारों श्रद्धालु

सुबह होते ही श्रद्धालु पूजा की थाली, फूल-माला और प्रसाद लेकर घाटों पर पहुंचने लगे. महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों में गंगा स्नान को लेकर खास उत्साह देखने को मिला. श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की.

कष्टहरणी घाट पर दिखी सबसे ज्यादा भीड़

कष्टहरणी घाट स्थित गंगा मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतार लगी रही. श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर जीवन के कष्ट दूर होने और खुशहाली की प्रार्थना की. घाटों पर दीप प्रवाहित करने और मां गंगा की आरती का दृश्य बेहद आकर्षक नजर आया.

गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व भी खास

धार्मिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ मां गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लेकर आए थे. तभी से गंगा दशहरा का पर्व सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

प्रशासन रहा पूरी तरह अलर्ट

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. पुलिस बल, गोताखोर और प्रशासनिक टीम लगातार निगरानी करती रही. पूरे दिन घाटों पर शांतिपूर्ण माहौल बना रहा.

भक्ति और श्रद्धा से सराबोर मुंगेर

गंगा दशहरा के मौके पर मुंगेर में भक्ति और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला. मां गंगा की आराधना के साथ लोगों ने सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.

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लेखक के बारे में

By Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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