मुंगेर : हवा, पानी, सड़क सबके लिए है. लेकिन मुंगेर में दबंगों द्वारा इस पर अपना कब्जा किया जा रहा है. सांसद, विधायक व नगर निगम के योजनाओं से लगे जीपीटी चापाकल की स्थिति सबसे बदहाल है. क्योंकि 50 फीसदी से अधिक जीपीटी चापाकल का स्वरूप बदल कर समरसेबुल बन गया है. जिसका उपयोग आम नहीं खास लोग कर रहे.
चापाकल बना समरसेबुल : मुंगेर शहर के बेलन बाजार में एक दबंग व्यक्ति ने सड़क किनारे लगे जीपीटी चापाकल में समरसेबुल डाल कर उसका कनेक्शन अपने घर में कर लिया. जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया है और इस संदर्भ में जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा है. इत्तेहाद कमिटी के संरक्षक जफर अहमद, मानस कुमार, मो शकील सहित कई लोगों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर कहा है कि सरकारी चापाकल में स्थानीय हसीबुर रहमान ने समरसेबुल डाल दिया है.
जिससे अब चापाकल का अस्तित्व खत्म हो चुका है. इसलिए इस मामले में समुचित कार्रवाई की जानी चाहिए. जानकारों ने बताया कि मुंगेर शहर में विधायक योजना से लगे दर्जनों जीपीटी चापाकल को लोगों ने गलत तरीके से अपने आवासीय परिसर में लगवा लिया और उस चापाकल के हेड को हटा कर समरसेबुल का मोटर लगा लिया है. यह कार्य पीएचइडी विभाग के अभियंता व संवेदकों के गंठजोड़ से किया गया.
दबंगों के कब्जे में सरकारी प्याऊ : मुंगेर शहर के कई वार्ड पार्षद एवं जदयू व राजद के नेता सरकारी प्याऊ को अपने घर में ही लगा लिया है. जिस पर पूरे मुहल्ले का कब्जा होना चाहिए. वह खास व्यक्ति का बनकर रह गया है. चूंकि पानी पर कब्जा करने वाले दबंग व प्रभावशाली हैं. इसलिए प्रशासनिक अधिकारी से लेकर संबंधित विभाग के अभियंता चुप्पी साधे बैठे हैं.
