थाली से गायब हो रहा आलू

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jul 2016 9:14 AM

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बढ़ीं मुश्किलें . पश्चिम बंगाल ने आलू की अपूर्ति पर लगाया अघोषित रोक हाल के दिनों में आसमान छू रही आलू की कीमत से गरीब तो क्या आम लोगों से भी आलू दूर होता जा रहा है. मुंगेर : आलू अमीर-¦गरीब सभी के लिए जरूरत का खाद्य पदार्थ हैं. आलू ही एक ऐसा खाद्य पदार्थ […]

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बढ़ीं मुश्किलें . पश्चिम बंगाल ने आलू की अपूर्ति पर लगाया अघोषित रोक

हाल के दिनों में आसमान छू रही आलू की कीमत से गरीब तो क्या आम लोगों से भी आलू दूर होता जा रहा है.
मुंगेर : आलू अमीर-¦गरीब सभी के लिए जरूरत का खाद्य पदार्थ हैं. आलू ही एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है. रोजाना के भोजन में आलू का स्थान महत्वपूर्ण है. खास कर आलू को गरीबों का निवाला माना जाता है. लेकिन बिहार में इस बार आलू की फसल कुछ अच्छी नहीं रही.
जिसके कारण मुंगेर में आलू की कीमत रोजाना बढ़ती जा रही है. वर्ष 2014 में भी आलू की कीमत आसमान छू लिया था. इस बार भी जुलाई माह में आलू की कीमत वही हो गयी है. बाजार एवं हाट में खुदरा आलू 20 से 24 रुपये प्रति किलो मिल रही है. जानकारों की माने तो कीमत में और तेजी आ सकती है. अगर कीमत में बढ़ोतरी की यही रफ्तार रही तो गरीबों को मुश्किलें और अधिक बढ़ जायेगी.
नहीं मिल रहा लाल आलू
मुंगेर जिले में दो माह पूर्व 6 से 7 ट्रक आलू की खपत रोजना होती थी. लेकिन आज कीमत बढ़ने के कारण खपत कम हुई और यहां अब प्रतिदिन 4 से 5 ट्रक आलू ही खपत हो रही है. इतना ही नहीं जो आलू यूपी से आ रही है वह सफेद आलू है. मंडी में आलू मंहगा होने के कारण व्यापारी लाल आलू नहीं मंगा रहे हैं. जिसके कारण लाल आलू लोगों को नहीं मिल रहा है.
क्यों बढ़ रही हैं कीमत
माना जाता है कि मुंगेर की मंडी में पश्चिम बंगाल से आलू जब मंगाया जाता था तो उस पर ट्रांसपोर्टिंग खर्च कम पड़ता था. एक बड़ा ट्रक में आलू की 300 बोरी रहती है जो 50-50 किलो की रहती है. पश्चिम बंगाल से बड़ा ट्रक के ट्रांसपोर्टिंग पर 22 से 24 हजार रुपये खर्च पड़ता था. लेकिन यूपी के इटावा से आलू का एक बड़ा ट्रक मंगाने पर 35 से 40 हजार रुपये खर्च आता है. जब तक पश्चिम बंगाल से आलू आता रहा तब तक मुंगेर में 15 से 18 रुपये आलू मिलती थी.
जबकि यूपी से माल के ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ने से मुंगेर में आलू की कीमत बढ़ गयी है. थोक में यहां आलू की कीमत 18 से 19 सौ रुपया प्रति क्विंटल है. जिसके कारण मुंगेर में खुदरा में 20 से 24 रुपये किलो आलू बिक रही है.
पश्चिम बंगाल से नहीं आ रहा आलू
बाजार में चर्चा है कि प बंगाल से आलू की आपूर्ति पर अघोषित रूप से रोक लगा दिया गया है. वहां की सरकार ने आलू के बड़े कारोबारियों को हिदायत दी है कि वे आलू का निर्यात नहीं करें. पहले यहां की जनता को आलू आपूर्ति करें. जिसके कारण मंडी में प बंगाल आलू आना बंद हो गया है व मुंगेर की मंडी में आलू की कीमत बढ़ गयी.
यूपी के आलू पर टिका है
मुंगेर : पिछले दो माह से उत्तर प्रदेश से मुंगेर की मंडी में आलू पहुंच रहा है. वर्तमान समय में यूपी के इटावा एवं आगरा से आलू थोक में मंगाया जा रहा है. यह कहा जा सकता है कि यूपी के आलू पर ही मुंगेर में आलू आम लोगों को मुहैया करायी जा रही है.
कहते है थोक व्यापारी
तब्सूम आलू कंपनी के प्रोपराइटर तनवीर राइन ने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ने के कारण आलू की कीमत में उछाल आया है. जब पश्चिम बंगाल से आलू की आपूर्ति होने लगेगी तो दाम में नरमी आ जायेगी.
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