लागत व आमदनी के हिसाब से किसानों को मिलेगा केसीसी ऋण

फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : बैठक में उपस्थित अधिकारी प्रतिनिधि, मुंगेरजिला सहकारिता कार्यालय में शनिवार को को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा जिलास्तरीय तकनीकी समिति की बैठक आयोजित की गयी. जिसमें किसानों को दिये जाने वाले केसीसी ऋण की सीमा निर्धारण को लेकर विशेष बातचीत की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला सहकारिता पदाधिकारी सह प्रबंध निदेशक कृष्णा […]

फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : बैठक में उपस्थित अधिकारी प्रतिनिधि, मुंगेरजिला सहकारिता कार्यालय में शनिवार को को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा जिलास्तरीय तकनीकी समिति की बैठक आयोजित की गयी. जिसमें किसानों को दिये जाने वाले केसीसी ऋण की सीमा निर्धारण को लेकर विशेष बातचीत की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला सहकारिता पदाधिकारी सह प्रबंध निदेशक कृष्णा चौधरी ने की.डीडीएम नाबार्ड सितांशु शेखर ने कहा कि अबतक किसानों को जो कृषि ऋण दिये जा रहे हैं उसके मापदंड में सुधार करने की आवश्यकता है. किसानों को यह समझना होगा कि जो कृषि लोन प्राप्त कर रहा है उसे समय पर लौटा दें. किसान इस सोच में पड़ जाते हैं कि किस तरह उसके ऋण की माफी हो जाये. इसलिए केसीसी ऋण के मापदंडों में सुधार करने की नितांत आवश्यकता है. एलडीएम केके सहगल ने कहा कि कृषि ऋण के लिए एक ऐसी सीमा तय होनी चाहिए, जिसके तहत जरूरत के अनुसार किसानों को ऋण दिया जाय. सर्वसम्मति से यह निर्धारित किया गया कि खेती के लिए जितनी राशि के लागत एवं उनसे प्राप्त होने वाली आमदनी को ध्यान में रखते हुए केसीसी ऋण की सीमा निर्धारित की गयी. मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक ई. अशोक कुमार, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि राहुल गौतम, राम प्रकाश सिंह, किसान कृष्णदेव मंडल, राम शरण सिंह, श्यामानंद सहित अन्य किसान मौजूद थे.

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