भवन व उपकरणों के साथ ही अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराया जायेगा. रंगरूटों का प्रशिक्षण एक वर्ष का होता है. इसे अत्याधुनिक स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जायेगा. यहां पूर्व से ही चार सौ रंगरूटों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था विद्यमान है. उन्होंने बताया कि डुमरांव में एमपीटीसी के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आयी है. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस को देश के अन्य प्रांतों की पुलिस के समकक्ष लाना उनकी पहली प्राथमिकता है. मौके पर बीएमपी-9 के प्रभारी समादेष्टा सह रेल पुलिस अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद, डुमरांव प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी मो फरोगुद्दीन उपस्थित थे.
जमालपुर बीएमपी-9 कैंप में बनेगा पुलिस प्रशिक्षण केंद्र
जमालपुर (मुंगेर): जमालपुर के दौलतपुर स्थित बिहार मिलिट्री पुलिस-9 केंद्र को अपग्रेड कर इसे पुलिस प्रशिक्षण केंद्र बनाया जायेगा. इस केंद्र में बिहार पुलिस के एक हजार रंगरूटों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जायेगा. यह बातें मंगलवार को यहां के मूलभूत संरचनाओं का जायजा लेने पहुंचे बिहार पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) केएस द्विवेदी ने पत्रकारों […]

जमालपुर (मुंगेर): जमालपुर के दौलतपुर स्थित बिहार मिलिट्री पुलिस-9 केंद्र को अपग्रेड कर इसे पुलिस प्रशिक्षण केंद्र बनाया जायेगा. इस केंद्र में बिहार पुलिस के एक हजार रंगरूटों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जायेगा. यह बातें मंगलवार को यहां के मूलभूत संरचनाओं का जायजा लेने पहुंचे बिहार पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) केएस द्विवेदी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही.
उन्होंने बताया कि जून तक बिहार में लगभग 12 हजार नवनियुक्त जवान प्रशिक्षण के लिए तैयार हो जायेंगे. सरकार ने अगस्त से इन नवनियुक्त रंगरूटों का प्रशिक्षण आरंभ करने की योजना बनायी है. उन्होंने बताया कि बिहार में मात्र तीन स्थानों पर ही रंगरूटों को प्रशिक्षण देने का केंद्र है. इनमें भागलपुर का नाथनगर पूरी तरह साधन संपन्न है, जबकि डुमरांव व सिमुलतल्ला को साधन संपन्न बनाया जा रहा है. नये रंगरूटों के आ जाने के बाद बीएमपी-9 में उन्हें प्रशिक्षण देने की संभावना के तलाश के लिए वे आये हैं. यहां आधारभूत संरचनाओं को तैयार किया जायेगा.