मुंगेर: श्रावणी मेला से पूर्व मुंगेर जिले के 26 किलोमीटर कच्ची कांवरिया पथ में जहां पथ निर्माण विभाग द्वारा कंकड़ रहित बालू बिछाया जायेगा, वहीं कांवरियों के लिए सामुदायिक शौचालय व चापाकलों की संख्या बढ़ायी जायेगी. मेला के दौरान कांवरियों के लिए बिजली, पानी, स्वास्थ्य व सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था की जायेगी.
आगामी एक अगस्त से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रवणी मेला की प्रशासनिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गयी है. जिलाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित तैयारी समिति की बैठक में सोमवार को अधिकारियों ने विभागवार समीक्षा की और मेला के दौरान कांवरिया तीर्थ यात्रियों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने का संकल्प लिया. जिलाधिकारी ने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस विश्व प्रसिद्ध मेले में देश व विदेश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु आते हैं. इसलिए हम सबों का प्रशासनिक व नैतिक दायित्व है कि उन्हें बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करायें. इसके लिए सभी विभागों को अपने-अपने दायित्व का बेहतर निर्वहन करना होगा.
बिछेगा कंकड़रहित बालू
जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि मुंगेर जिले में पड़ने वाले 26 किलोमीटर कच्ची कांवरिया पथ में कंकड़ रहित बालू का बिछाव सुनिश्चित करें. इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी जानी चाहिए. कमरांय से कुमरसार तक के पथ के अगल-बगल के झाड़ी व जंगल की भी सफाई किया जाना चाहिए. इस संबंध में पैसे का आवंटन या टेंडर की जो भी व्यवस्था हो वह पूर्व में कर लिये जायें.
लगेंगे साइन बोर्ड
पथ निर्माण विभाग द्वारा कच्ची कांवरिया पथ में जगह-जगह साइन बोर्ड लगा कर जहां कुछ क्षेत्र व गांव की जानकारी प्रदर्शित की जायेगी. वहीं कांवरिया पथ के दूरियों को भी इंगित किया जायेगा. ताकि बाहर से आने वाले कांवरियों को यह जानकारी मिल सके कि वह अभी किस स्थान पर हैं और आगे कितनी दूरी तय की जानी है.
धर्मशालाओं की रंगाई-पुताई का निर्देश
मुंगेर जिले के कांवरिया पथ में तीन सरकारी धर्मशाला गोगाचक, कुमरसार व मणिया में स्थित है. इन धर्मशालाओं की मरम्मती व रंगाई-पुताई का कार्य भवन निर्माण विभाग को करना है. जिला पदाधिकारी ने भवन प्रमंडल के अभियंता को निर्देश दिया कि वे मेला पूर्व धर्मशालाओं को दुरुस्त कर लें. साथ ही साफ-सफाई की भी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाय.
चापाकलों की बढ़ेगी संख्या
जिलाधिकारी ने कांवरिया पथ में कांवरियों की सुविधा के लिए चापाकलों व सामुदायिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये हैं. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अभियंता ने बताया कि इस पथ में जहां 52 स्थानों पर सामुदायिक शौचालय बने हैं. वहीं 91 चापाकल लगे हैं. जिलाधिकारी ने इन चापाकलों के भौतिक सत्यापन के साथ ही निर्देश दिया कि पथ में चापाकलों की संख्या बढ़ा कर 150 किया जाय तथा सामुदायिक शौचालयों की संख्या भी बढ़ायी जाय. इसके अतिरिक्त सरकारी धर्मशालाओं में शुद्ध पेयजल के लिए दो आरओ सिस्टम भी लगाये जायें. विदित हो कि जिले के तीन सरकारी धर्मशाला गोगाचक, मणिया एवं कुमरसार में पूर्व से एक-एक आरओ लगे हुए हैं.
चाक-चौबंद रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने बैठक में कहा कि श्रवणी मेला के दौरान सुरक्षा की व्यवस्था चाक-चौबंद की जायेगी. इसके तहत जहां पूरे कांवरिया पथ में जगह-जगह दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहेंगे. वहीं स्थानीय स्तर पर 150 युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में तैनात किया जायेगा. उन्होंने कहा कि तारापुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी यह पूरी व्यवस्था करेंगे. जिसे पुलिस विभाग द्वारा जर्सी व परिचय प्राप्त भी उपलब्ध कराया जायेगा.
कांवरिया पथ पर हो विद्युतीकरण
मुंगेर जिले में पड़ने वाले कच्ची कांवरिया पथ में विद्युत विभाग द्वारा पोल तो लगा दिये गये हैं. लेकिन अबतक तार व ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था नहीं की गयी है. जिससे पूरा कांवरिया पथ अंधकारमय बना रहता है. जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि वे अविलंब तार व ट्रांसफॉर्मर लगाने की व्यवस्था करें. ताकि मेला पूर्व पूरे पथ का विद्युतीकरण हो सके और पथ में जेनेरेटर की व्यवस्था से मुक्ति मिल सके. उन्होंने इस संदर्भ में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के सीएमडी से भी इस संदर्भ में बात करने की बात कही.
