भूकंप में घायल रोगी को खरीदनी पड़ रही दवाएं

मुंगेर: एक ओर जहां सूबे की सरकार यह घोषणा कर रखी है कि भूकंप में घायल हुए मरीजों का इलाज नि:शुल्क किया जायेगा. वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज को स्लाइन के अलावे कोई भी दवा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. हाल यह है कि मुंगेर सदर अस्पताल से लेकर पीएमसीएच पटना तक […]

मुंगेर: एक ओर जहां सूबे की सरकार यह घोषणा कर रखी है कि भूकंप में घायल हुए मरीजों का इलाज नि:शुल्क किया जायेगा. वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज को स्लाइन के अलावे कोई भी दवा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है.

हाल यह है कि मुंगेर सदर अस्पताल से लेकर पीएमसीएच पटना तक भूकंप में घायल मरीज को निजी खर्च वहन कर दवा व अन्य जांच कराने पड़े हैं. पिछले 25 अप्रैल को आये भूकंप में शहर के दिलावर पुर निवासी मो शमीम का 15 वर्षीय पुत्र मो. अमन गंभीर रूप से घायल हो गया था. सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया.

इस दौरान मरीज के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाएं व महत्वपूर्ण जांच परिजनों को निजी खर्च पर कराना पड़ा. अमन के हालत में सुधार आ जाने पर परिजनों ने उसे वापस घर ले आया. किंतु रविवार के रात्रि से ही अमन का पैर पूर्ववत काम करना बंद कर दिया. साथ ही उसका पेशाब भी रुक गया. जिसके कारण परिजनों ने इलाज के लिए उसे फिर से सदर अस्पताल में भरती कराया. मो. शमीम ने बताया कि अस्पताल में भरती होने के बाद उसके पुत्र को सिर्फ डी-5 स्लाइन उपलब्ध कराया गया. बांकी की सारी दवाएं उन्हें बाहर से खरीद कर मंगाना पड़ा.

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