फोटो संख्या : 14फोटो कैप्सन : खराब पड़ा चापाकल प्रतिनिधि, बरियारपुर एक ओर जहां भीषण गरमी में लोगों के हलक सूखने लगे हैं. वहीं दूसरी ओर प्रखंड क्षेत्र में लगे दर्जनों चापाकल दम तोड़ रही है. हाल यह है कि ग्रामीणों के साथ-साथ आम राहगीरों को भी पेयजल के लिए खासे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं विभाग द्वारा खराब चापाकलों की सुधी तक नहीं ली जा रही है. गरमी बढ़ते ही लोगों की प्यास भी बढ़ने लगी है. राहगीर पानी के उम्मीद में जब चापाकल के पास पहुंचते हैं और दो-चार हैंडिल चलाने के बाद भी पानी नहीं निकलता है. तब वे विभाग को कोसते हुए आगे बढ़ जाते हैं. यह स्थिति किसी एक स्थान की नहीं बल्कि दर्जनों जगहों की है. बरियारपुर काली स्थान, मध्य विद्यालय चिड़ैयाबाद, फुलकिया, कल्याणपुर सहित अन्य स्थानों पर लगी सरकारी चापाकलें पूरी तरह खराब हो चुकी है. जिस चापाकलों से थोड़ी बहुत पानी आ भी रही है उससे निकलने वाला पानी पीने योग्य ही नहीं रह गया है. हाल यह है कि सिर्फ गांव ही नहीं बाजारों में भी लोग पानी के लिए भटक रहे हैं. पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा कई बार पीएचईडी विभाग को लिखित सूचना दी गयी. किंतु आज तक चापाकलों की मरम्मती नहीं करायी गयी है. खरीद कर पानी पी रहे लोगग्रामीण सुरेश मंडल, धर्मेंद्र कुमार, साधना देवी, रूपा देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की किल्लत इतनी बढ़ गयी है कि लोगों को खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है. जिसके कारण ग्रामीणों का खर्च तो बढ़ गया है. लेकिन वाटर प्लांट वालों की चांदी हो रही है.
दम तोड़ रहे सरकारी चापाकल, राहगीर हलकान
फोटो संख्या : 14फोटो कैप्सन : खराब पड़ा चापाकल प्रतिनिधि, बरियारपुर एक ओर जहां भीषण गरमी में लोगों के हलक सूखने लगे हैं. वहीं दूसरी ओर प्रखंड क्षेत्र में लगे दर्जनों चापाकल दम तोड़ रही है. हाल यह है कि ग्रामीणों के साथ-साथ आम राहगीरों को भी पेयजल के लिए खासे परेशानियों का सामना करना […]
