सदर : एक ओर जहां सूबे की सरकार घर-घर में शौचालय व पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रखी है. वहीं दूसरी ओर जनता उच्च विद्यालय तौफिर दियारा में छात्र-छात्राओं को पेयजल तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
जिसके कारण विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जनता उच्च विद्यालय में कुल नामांकित 244 छात्र-छात्राएं हैं. जबकि यहां कुल 13 शिक्षक पदस्थापित हैं. किसी भी विषय में शिक्षकों का पद खाली नहीं है. व्यवस्था के नाम पर तो कंप्यूटर की पढ़ाई व प्रयोगशाला की अच्छा-खासा इंतजाम है.
लेकिन किसी को प्यास लग जाये तो बिना घर गये दूसरा कोई विकल्प नहीं है. उच्च विद्यालय होने के बावजूद भी विद्यालय परिसर में पेयजल की व्यवस्था के लिए एक भी चापाकल का नहीं होना विभाग की पोल खोलती है. कहने को तो यहां दो शौचालय बने हुए हैं. लेकिन बिना पानी के इसका उपयोग नहीं हो पाता है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक पंकज रंजन ने बताया कि पीएचइडी विभाग को इस संबंध में लिखा गया है. लेकिन अबतक यहां चापाकल की व्यवस्था उपलब्ध नहीं करायी गयी है.
उन्होंने बताया कि विद्यालय के एक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक अनंत कुमार सत्यार्थी भी यहां पहुंचे थे. जिन्हें पेयजल की समस्या से अवगत कराया गया था. उस समय तो उन्होंने आश्वासन तो दे दिया लेकिन आजतक विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था नहीं की गयी.
