वार्ड समिति शहरी क्षेत्र के वार्ड में संचालित योजनाओं का प्रबंधन व संधारण करेगी.
मुंगेर : शहरी क्षेत्र में संचालित होने वाले योजनाओं का प्रबंधन, संधारण व अनुश्रवण के लिए अब वार्ड स्तर पर वार्ड समिति का गठन किया जायेगा. जिसमें सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित होगी. यह समिति ही अपने-अपने वार्ड के विकास एवं जन समस्याओं के समाधान में सशक्त भूमिका निभायेगी. इसके लिए राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है.
राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से इस संदर्भ में अधिसूचना जारी की गयी है. इसके तहत बिहार नगरपालिका वार्ड समिति (सामुदायिक भागीदारी) संशोधन नियमावली 2017 के तहत संशोधित करते हुए नयी नियमावली बनायी गयी है. नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वैसे नगर निकाय क्षेत्र जहां की आबादी 40 हजार और उससे अधिक है. वहां वार्ड समिति का गठन किया जायेगा.
वार्ड समिति के होंगे कार्य : नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में वार्ड समिति का गठन किया जायेगा और अध्यक्ष व सचिव बनेंगे. जिसके तहत प्रत्येक तीन महीने में एक क्षेत्र सभा होगा और सभा में पारित योजनाओं को मूर्त रूप दिया जायेगा. इसके लिए अध्यक्ष व सचिव बैंक खाता का भी संधारण करेंगे. जिसका संचालन अध्यक्ष व सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से क्रियान्वित होगा. साथ ही नगरपालिका द्वारा उपलब्ध कराये गये नागरिक सुविधाओं के विरुद्ध उपभोक्ता शुल्क की वसूली का भी अधिकार होगा.
ऑन स्पॉट वार्डवासी रख सकेंगे समस्या : वार्ड समिति के माध्यम से होने वाले क्षेत्र सभा में वार्ड की जनता ऑन स्पॉट समस्याओं से अवगत करा पायेंगे और उसके निदान पर निर्णय लिया जायेगा. इसके लिए वार्डवासियों को नगर निगम में प्रत्येक माह होने वाली बोर्ड की बैठक के प्रति आश्रित नहीं रहना पड़ेगा. ऐसा होने से क्षेत्र की समस्या का निदान आसानी से होगा और वार्ड के विकास में जनभागीदारी सुनिश्चित होगी.
कहते हैं नगर आयुक्त
नगर आयुक्त डॉ एसके पाठक ने कहा कि तीन वार्ड मिला कर एक समिति का गठन किया जायेगा. इस समिति में वैसे पार्षद अध्यक्ष होंगे जो निगम के सशक्त स्थायी समिति के सदस्य नहीं होंगे. सचिव के लिए म्यूनिसिपल एक्ट के तहत कार्य किया जायेगा.
