शक्ति की भक्ति. मेले में उमड़ने लगी भीड़, सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन चौकस
मुंगेर : एक ओर जहां महाअष्टमी पर विभिन्न पूजा पंडालों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा़ वहीं दूसरी ओर जिले भर के विभिन्न क्षेत्रों में दुर्गापूजा की धूम है़ आस्था व उत्साह के बीच माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है़ श्रद्धालुओं में जहां माता भवानी के दर्शन को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है़ वहीं लोग जम कर मेले का लुत्फ भी उठा रहे हैं.
सदर प्रखंड प्रतिनिधि के अनुसार, शंकरपुर स्थित दुर्गा मंदिर में जहां धारा प्रवाह दुर्गा पाठ से वातावरण भक्तिमय हो गया है़ वहीं मय, शीतलपुर, बेनीगीर, सुतुरखाना, हरदियाबाद, मस्जिद मोड़, नौवागढ़ी, चड़ौन, गढ़ीरामपुर, मनियारचक, बोचाही, महमदा, पाटम व रतनपुर में स्थापित दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है़ सुबह से शाम तक जहां व्रती महिलाओं द्वारा डलिया चढ़ाने का सिलसिला चलता रहा़ वहीं शाम होते ही लोग मेले का आनंद उठाने लगे़ धरहरा प्रखंड प्रतिनिधि के अनुसार, विभिन्न दुर्गा मंदिरों में शारदीय नवरात्र के महाअष्टमी पर मैया गौरी की पूजा-अर्चना की गयी़
वहीं धरहरा बड़ी दुर्गा, प्राचीन काली मंदिर स्थित दुर्गा स्थान, मोहनपुर, भलार, ईटवा सहित अन्य दुर्गा स्थानों में महिला व पुरुषों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. लोग भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना कर माता के आराधना में लीन नजर आये़ थानाध्यक्ष दुबे देवगुरु दुर्गा पूजा में शांति व्यवस्था बनाये रखने में व्यस्त दिखे़ बरियारपुर प्रखंड प्रतिनिधि के अनुसार, बरियारपुर बाजार, कुमारपुर, कल्याणपुर, खड़िया सहित अन्य स्थानों पर स्थापित दुर्गा मंदिरों में महाअष्टमी पर मैया गौरी के दर्शन को महिला-पुरुष श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा़
वहीं स्थानीय थाना पुलिस द्वारा मेले में लगातार गश्ती की जा रही थी़ संग्रामपुर प्रखंड प्रतिनिधि के अनुसार, कालरात्रि दुर्गा की पूजा के साथ ही दुर्गा मंदिरों में भक्तों की भीड उमड़ने लगी. साथ ही गुरुवार को महाअष्टमी के मौके पर सुबह से ही मंदिरों में डलिया चढाने को लेकर महिलाओं की भारी भीड़ लग गयी, जो देर संध्या तक जारी रही. महाअष्टमी के दिन देवी दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना भक्ति-भाव के साथ की गयी. महिलाओं ने डलिया में फल प्रसाद के साथ साथ सुहाग का शृंगार चढ़ा कर उनसे परिवार की सलामती की कामना की.
हवेली खड़गपुर. अनुमंडल क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों का पट खुलते ही अष्टमी पूजा से पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है. नगर क्षेत्र स्थित मुख्य रूप से सर्वप्रथम मुलुकटांड़ स्थित बड़ी काली, बड़ी दुर्गा व विषहरी दुर्गा श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है. इनके दर्शन पूजन को नित्य आसपास के लोगों के अलावा दूरदराज के भक्तों की भीड़ भी उमड़ रही है. मान्यता है कि मैया दैहिक, दैविक व भौतिक संताप दूर करती है.
गौरतलब है कि अति प्राचीन मुलुकटांड़ स्थित बड़ी काली मंदिर के स्थापना के बारे में मंदिर के पुरोहित नंदेश्वर पांडे ने बताया कि जानकारी के मुताबिक लगभग 1400-1500 ई० से ही मुलुकटांड़ बड़ी काली की प्रतिमा स्थापित हो रही है. अनुमंडल क्षेत्र में बड़ी काली को ही सर्वशक्तिमान माना जाता है.
