जमालुपर : सर्वोच्च न्यायालय ने भारत में रहने वाली करीब 9 करोड़ मुस्लिम महिलाओं को यातना भरी जिन्दगी और जिल्लत से जीने पर मजबूर करने वाली क्रूरता पर रोक लगा दी. तीन तलाक मामले पर मंगलवार को आये फैसले पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोरचा के जिलाध्यक्ष मो मोकीम ने ये बातें कही. उन्होंने कहा कि हजारों साल पुरानी परंपरा के तहत केवल तीन बार तलाक बोल देने से औरतों की जिन्दगी तबाह हो जाती थी. दुनिया के करीब 24 देशों में तलाक प्रथा पर पहले से ही रोक लगा दी गयी थी.
परंतु भारत में वोट की राजनीति करने के उद्देश्य से कोई भी सरकार इस मामले में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी. जबकि यहां की महिलाअों ने इस मामले पर अपनी मांग को लेकर आंदोलन भी किया और काननून का दरवाजा भी खटखटाया. वर्तमान भाजपा सरकार ने इसमें दिलचस्पी दिखाई और आज यह ऐतिहासिक फैसला आया है. उन्होंने सरकार से मांग की कि सिर्फ तीन तलाक ही नहीं, बल्कि बहु-विवाह पर रोक लगायी जाये और तीन तलाक बोलने वाले तथा एक से अधिक शादी करने वालों के विरुद्ध कड़े कानून का प्रावधान लाया जाये.
