धरहरा : ब्रिटिश काल में ही धरहरा रेलवे स्टेशन का निर्माण कराया गया था. ताकि पहाड़ की तराई एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन की सुविधा मुहैया करायी जा सके. लेकिन आज यह स्टेशन विभागीय उपेक्षा का दंश क्षेल रहा है. करोड़ों का राजस्व देने वाले इस स्टेशन पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी स्टेशन परिसर में भर गया है. जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर जाने वाले रेल यात्रियों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. इस स्टेशन में 17 जोड़ी एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का नियमित ठहराव होता है.
विक्रमशिला एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेन का भी यहां ठहराव होने के बावजूद आज तक प्लेटफॉर्म की लंबाई को नहीं बढ़ाया जा सका है. जिसके कारण वातानुकूलित डिब्बे एवं सामान्य वर्ग के डिब्बे प्लेटफॉर्म से बाहर मल-मूत्र भरे गंदे जगह पर रुकती है. जिससे यात्रियों को परेशानी होती है. विगत 4 जून को सांसद वीणा देवी के साथ पहुंचे मंडल रेल प्रबंधक मोहित सिन्हा ने बंद पड़े जेनेरेटर को चालू करने, हाई लेवल प्लेटफॉर्म निर्माण कराने,
शौचालय सहित स्टेशन परिसर को जल जमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नाला निर्माण कराने का आश्वासन दिया था. लेकिन आज तक नाला का निर्माण नहीं हो सका और पानी से ही गुजर कर यात्री स्टेशन पर पहुंच रहे हैं. रेल यात्री रवि कुमार शर्मा, पुनीत सिंह, मनोज शर्मा, राजा कुमार, प्रशांत शेखर ने रेल मंत्री से मांग किया कि स्टेशन पर जल जमाव से मुक्ति दिलाते हुए अन्य सुविधा बहाल की जाय. स्टेशन मास्टर विनोद कुमार सिंह ने कहा कि मेमो जारी कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट दे चुके हैं.
