बदहाली. मेडिकल कचरा संक्रामक बीमारियों को दे रहा आमंत्रण
सदर अस्पताल में सिरींज व निडिल खुले में फेंका जा रहा है. इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है.
मुंगेर : मेडिकल कचरा को लेकर सदर अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह लापरवाही है़ अस्पताल परिसर में खुले में ही सिरींज व निडिल फेंक कर यहां संक्रामत बीमारियों को आमंत्रित किया जा रहा है़, जबकि स्वास्थ्य मानकों के अनुसार मेडिकल कचरा को खुले में फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है़ क्योंकि इससे अनेक प्रकार के संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है.
खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा
इन दिनों सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के समीप व्यापक पैमाने पर मेडकल कचरा फेंका जा रहा है़ जिसमें मरीजों पर इस्तेमाल किया हुआ सिरींज व निडिल अधिक मात्रा में है. यहां पर कार्यरत अधिकांश कम्पाउंडर मरीजों को इंजेक्शन देने के बाद इस्तेमाल किये गये सिरींज को फर्श पर ही फेंक देता है, जो मरीजों व अन्य लोगों के पैरों का ठोकर खाते-खाते इधर-उधर फैल जाता है़ मालूम हो कि इन इस्तेमाल किये गये सिरींज के संपर्क में आने से लोग संक्रमण का शिकार हो सकते हैं.
सजा का है प्रावधान
बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट ऑफ हैंडलिंग रूल्स- 98 के तहत बायो मेडिकल वेस्टेज इधर-उधर फेंकना गैर कानूनी है. बायो मेडिकल वेस्टेज का प्रापर डिस्पोजल न कर सार्वजनिक स्थान पर फेंकना म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, पुलिस एक्ट- 69 की धारा- 34, इंवायरोमेंट प्रोटेक्शन एक्ट- 86 की धारा- 15 का भी उल्लंघन है. इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर आरोपित को पांच साल तक की सजा का भी प्रावधान है. इन सबके बावजूद सदर अस्पताल में कानून को ताख पर रख कर काम किया जा रहा है़
क्या कहते हैं अधिकारी
वैसे तो प्रतिदेन मेडिकल कचरा ले जाने के लिए भागलपुर से वाहन आती है़ यदि कोई मेडिकल स्टाफ कचरे को इधर-उधर फेंकता है तो उस पर कार्रवाई की जायेगी़
डॉ राकेश कुमार सिन्हा, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल मुंगेर
