बोर्ड गठन के बाद खुलेगा नगर निगम गेट का ताला

सेवानिवृत्त कर्मियों का आंदोलन. प्रशासन व निगम बेपरवाह मुंगेर नगर निगम कार्यालय पिछले नौ दिनों से बंद है. निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर मुख्य द्वार में ताला लगाकर आंदोलन कर रहे हैं. कार्यालय नहीं खुलने से जहां एक ओर निगमकर्मी मस्ती में हैं. वहीं शहरवासी परेशान हैं. क्योंकि निगम से संबंधित कोई […]

सेवानिवृत्त कर्मियों का आंदोलन. प्रशासन व निगम बेपरवाह

मुंगेर नगर निगम कार्यालय पिछले नौ दिनों से बंद है. निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर मुख्य द्वार में ताला लगाकर आंदोलन कर रहे हैं. कार्यालय नहीं खुलने से जहां एक ओर निगमकर्मी मस्ती में हैं. वहीं शहरवासी परेशान हैं. क्योंकि निगम से संबंधित कोई काम नहीं हो पा रहा. शहरवासी न तो जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा पा रहे हैं और न ही अपने भूमि व मकान का दाखिल खारिज करवा पा रहे है. उस पर निगम प्रशासन भी पूरी तरह उदासीन बना हुआ है.
मुंगेर : नगर निगम कार्यालय में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की तालाबंदी व आंदोलन निरंतर जारी है. बुधवार को नौवें दिन भी निगम कार्यालय पूरी तरह बंद रहा. निगम प्रशासन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मांगों पर फैसला नये बोर्ड के गठन के बाद ही हो सकता है. यदि यही रवैया रहा, तो अभी निगम का ताला अगले बीस दिन बाद ही खुल पायेगा. क्योंकि आगामी 27 जून को मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद ही निगम बोर्ड का गठन होगा. इस दौरान मुंगेर शहर की जनता की परेशानी और बढ़ने वाली है.
तालाबंदी के समापन के नहीं दिख रहे आसार : नगर आयुक्त एसके पाठक का कहना है कि जब तक नगर निगम बोर्ड का गठन नहीं हो जाता तब तक सेवानिवृत्त कर्मियों के मांगों पर सहमति बन पाना मुश्किल है. ऐसी परिस्थिति में लगता है कि निगम प्रशासन भी बोर्ड गठन का इंतजार कर रहा है और निगम कार्यालय में जारी तालाबंदी खुलवाने की दिशा में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा. जबकि नगर आयुक्त ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र भेज कर मामला संज्ञान में दिया है. बावजूद इसके न तो जिला प्रशासन तालाबंदी खत्म कराने में कोई पहल कर रहा है और न ही निगम प्रशासन.
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने पेंशन, भविष्य निधि व एसीपी को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं. यही कारण है कि बुधवार को नौवें दिन भी कर्मी निगम कार्यालय में तालाबंदी कर निगम के तीनों मुख्य द्वार पर जमे हैं. सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के महामंत्री जैनुल आबेदीन का कहना है कि निगम प्रशासन के अड़ियल रवैये के कारण अब तक मांगों पर सहमति नहीं बनी है. जबकि 19 जनवरी 2017 को नगर आयुक्त एवं सदर एसडीओ से वार्ता में कहा गया था कि कार्यरत कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मियों को भी पेंशन भुगतान किया जायेगा. लेकिन चार माह बीतने को हैं. आज तक पेंशन का भुगतान नहीं किया गया. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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