मोतिहारी.एमजीसीयू ने दिल्ली के दिल्ली हाट, पीतमपुरा में 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजित ‘वाइब्रेंट इंडिया 2025 एक्सपो’ एवं ‘पीएसई डेवलपमेंट एंड अचीवमेंट एक्सपो 2025’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है.कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के समर्पित संकाय सदस्यों, कर्मठ कर्मचारियों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है.हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने और शिक्षा के हर आयाम में उत्कृष्टता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.यह उपलब्धि एमजीसीयू की सतत प्रगति, गुणवत्ता-केंद्रित दृष्टिकोण और नवाचार-प्रधान शिक्षण पद्धति का प्रतीक है, जो विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आदर्श क्रियान्वयन का अग्रणी उदाहरण बनाती है.एमजीसीयू की प्रदर्शनी प्रतिनिधि मंडली प्रो. शिरीष मिश्रा और डा. उमेश पात्रा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की नवोन्मेषी शैक्षणिक और प्रशासनिक पहलों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया, जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति आधारित शिक्षण व्यवस्था, ‘समर्थ’ पोर्टल द्वारा सशक्त छात्र जीवन चक्र, नियमित एवं समयबद्ध कक्षाएँ और परीक्षाएँ, जीवंत सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ, तथा सशक्त प्लेसमेंट अवसर प्रमुख हैं.इस एक्सपो में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, विश्व भारती, आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय , एनआईटी हमीरपुर, एनआईटी मिजोरम तथा भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद आदि ने भाग लिया था.एमजीसीयू का स्टॉल पूरे आयोजन का केंद्र रहा. कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर सिंह ने भी एमजीसीयू के स्टॉल का अवलोकन किया और विश्वविद्यालय की नवोन्मेषी शैक्षणिक पहलों की सराहना की.
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