मोतिहारी. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वानुमान की अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में हल्के बादल देखे जा सकते हैं. अगले दो तीन दिनों में तीन से चार डिग्री तापमान में गिरावट होने के कारण सुबह में धुंध दिखाई देगा जो ठंड बढ़ने का संकेत है. चिकित्सकों के अनुसार ठंड बढ़ने की स्थित में लोगों को सतर्क रहना चाहिए अन्यथा मौसमी बीमारी के शिकार हो सकते है.
समसामयिक सुझाव
मौसम को देखते हुए किसान भाई धान की कटनी तथा दौनी के कार्य को उच्च प्राथमिकता देकर पूरा करने का प्रयास करें. राई, मसूर, सुर्यमुखी, लहसुन, शरदकालीन गन्ना, मटर, राजमा की बुआई प्राथमिकता से करें. सब्जियों में आवश्यकतानुसार निकाई-गुड़ाई करें एवंकीट तथा रोग-व्याधि का नियमित रूप से निरीक्षण करें.
मसुर के मल्लिका (के0-75), अरुण (पी०एल० 77-12), केएलएस 218, एचयूएल 57, पी०एल०-5 एवं डब्लूवीएल 77 किस्मों की बुआई करें. बुआई के समय खेत की जुताई में 20 किलोग्राम नेत्रजन, 45 किलोग्राम फॉसफोरस, 20 किलोग्राम पोटास एवं 20 किलोग्राम सल्फर का व्यवहार करें. बुआई के 2-3 दिन पूर्व कार्बेन्डाजीम फूंदनाषक दवा का 1.0 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से शोधित करें.मटर की बुआई
इसके लिए रचना, मालवीय मटर-15, अपर्णा, हरभजन, पूसा प्रभात एवं भी० ऐल0-42 किस्मे अनुशासित है। बीज दर 75-80 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा लगाने की दूरी 30 गुना 10 सेमी रखें। बीज को उचित राइजोबियम कल्बर (5 पैकेट प्रति हेक्टेयर) से उपचारित कर बुआई करें
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