वर्तमान परिस्थितियों को समझना चाहते हैं तो भूतकाल के घटनाओं को पढ़ियें : कुलपति

विवि के मीडिया अध्ययन विभाग में ''टीवी न्यूज़ का प्रभाव और चुनौतियां'' विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बुद्ध परिसर स्थित बृहस्पति सभागार, बनकट में किया गया.

मोतिहारी. केविवि के मीडिया अध्ययन विभाग में ””टीवी न्यूज़ का प्रभाव और चुनौतियां”” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बुद्ध परिसर स्थित बृहस्पति सभागार, बनकट में किया गया. संगोष्ठी के संरक्षक कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ टीवी पत्रकार राजीव रंजन और विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन सिंह संपादक थे. स्वागत उद्बोधन विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार झा ने की. कुलपति प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि अकादमिक पत्रकारिता औऱ टीवी पत्रकारिता में मुझे भी कार्य करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है. भारत में आक्रामक न्यूज डिबेट देखने को मिलती है, जबकि अमेरिका जैसे विकसित देशों में ऐसा नहीं है. अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था स्थिर है क्योंकि मीडिया तंत्र बहुत बहुत प्रभावशाली है. अगर हम वर्तमान परिस्थितियों को समझना चाहते है तो भूतकाल के घटनाओं को पढ़िए और किताबों का अध्ययन करिए. इस वक्त सोशल मीडिया सूचना के प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. मुख्य वक्ता राजीव रंजन ने कहा कि पत्रकारिता का सुनहरा दौर अभी आनी बाकी है. मीडिया का काम सरकार से सवाल करना है ना कि सरकार का पिछलग्गू बनना. वो जनता की आवाज़ बने विपक्ष की भी बाते सरकार तक पहुंचाए.वर्तमान में बिहार को देखे तो ट्रैफिक मैनेजमेंट एक बड़ी समस्या है. हमें अपनी मीडिया के रूप में जिम्मेदारी को सुनिश्चित करना होगा कि हम अपना काम पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से करें. हमें मीडिया की ताकत और जिम्मेदारी को समझने की जरूरत है. संगोष्ठी में स्वागत उद्बोधन के बाद डॉ. परमात्मा कुमार मिश्र और शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लिखित पुस्तक ” जनमाध्यम के विविध आयाम” पुस्तक का विमोचन हुआ. धन्यवाद ज्ञापन डॉ परमात्मा कुमार मिश्र ने किया. मौके पर शिक्षक डॉ. साकेत रमण, डॉ. सुनील दीपक घोड़के, डॉ. उमा यादव, डॉ. आयुष आनंद और डॉ. मयंक भारद्वाज आदि उपस्थित थे.कार्यक्रम का संचालन बीएजेएमसी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी नीतीश कुमार ने की. राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुलानुशासक प्रो. प्रसून दत्त सिंह, प्रो. प्रणवीर सिंह, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. बिमलेश कुमार सिंह, डॉ. ओमकार पैथलोथ, डॉ. बबलू पाल, डॉ. गोविंद प्रसाद, डॉ. अवनीश कुमार, पीआरओ शेफालिका मिश्र सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति सैकड़ों संख्या में थी. ।

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By SATENDRA PRASAD SAT

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