डेटा विश्लेषण और उसकी व्याख्या में नैतिकता का पालन करना जरूरी : प्रो. प्रसून

आईसीएसएसआर दिल्ली प्रायोजित केविवि के मीडिया अध्ययन विभाग द्वारा दस दिवसीय कार्यशाला में डेटा विश्लेषण से संबोधित तकनीकी सत्रों का आयोजन शनिवार को हुआ.

मोतिहारी.आईसीएसएसआर दिल्ली प्रायोजित केविवि के मीडिया अध्ययन विभाग द्वारा दस दिवसीय कार्यशाला में डेटा विश्लेषण से सम्बंधित तकनीकी सत्रों का आयोजन शनिवार को हुआ. प्रथम तकनीकी सत्र के वक्ता डॉ. शहादत हुसैन , वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर, समाज कार्य विभाग, विद्यांत हिंदी पीजी कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय और तृतीय तकनीकी सत्र के वक्ता बुद्ध परिसर के निदेशक कुलानुशासक प्रो. प्रसून दत्त सिंह थे. स्वागत कार्यशाला निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार झा एवं संचालन कार्यशाला सहायक निदेशक डॉ. सुनील दीपक घोडके ने किया. डॉ. शहादत हुसैन ने अनुसंधान में डेटा विष्लेषण के महत्व के बारे में बताया. समाजिक विज्ञान में इसके महत्व और सामाजिक जनसांख्यिकीय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. एसपीएसएस के डेटा विश्लेषण, सांख्यिकीय मॉडल का निर्माण और व्यवसाय व स्वास्थ्य सेवा के बारे में चर्चा की .तीसरे सत्र में प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने डेटा विश्लेषण और उसकी व्याख्या में नैतिकता पर जोर दी. उन्होंने डेटा विश्लेषण की प्रबंधन सुनिश्चित करना, आलोचना का सम्मान करना, पूर्वाग्रह से बचना, और डेटा संग्रह को लेकर निष्कर्षों के प्रसार को लेकर उसके सभी चरणों के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की.कार्यशाला में मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुनील दीपक घोडके ने सभी आमंत्रित वक्ताओं तथा शोधार्थियों का धन्यवाद ज्ञापन किया .कार्यशाला में विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. परमात्मा कुमार मिश्र, डॉ. साकेत रमण, तथा डॉ. उमा यादव, डॉ. मयंक भारद्वाज और डॉ. आयुष आनंद के साथ-साथ मीडिया विभाग के शोधार्थी तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति रही.

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Published by: Amritesh kumar

अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.

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