Motihari News: समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार की पहल पर पूर्वी चंपारण जिले के सभी अनुमंडलों में संचालित ‘बुनियाद केंद्र’ अब दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरे हैं.
इन केंद्रों पर लोगों को एक ही परिसर में कई सरकारी और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आसान, सुलभ और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करना है.
मिल रही आधुनिक चिकित्सीय सुविधाएं
बुनियाद केंद्रों पर विशेषज्ञों की निगरानी में फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं.
इसके अलावा, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि इन सेवाओं से दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
आरटीपीएस और पेंशन सुविधा भी उपलब्ध
लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र पर आरटीपीएस काउंटर भी स्थापित किया गया है.
यहां जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया जा सकता है.
साथ ही वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं से संबंधित आवेदन और सहायता की प्रक्रिया भी केंद्र पर पूरी की जा रही है.
जीवन प्रमाण जमा करने की सुविधा
पेंशनधारियों के लिए ‘जीवन प्रमाण’ जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे बुजुर्गों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे.
समय और पैसे दोनों की बचत
‘वन-स्टॉप’ सुविधा शुरू होने के बाद ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों को काफी राहत मिली है.
केंद्रों पर तैनात प्रशिक्षित कर्मी पारदर्शी तरीके से सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी बुनियाद केंद्र पहुंचकर इन सुविधाओं का लाभ उठाएं.
मोतिहारी से सच्चिदानंद सत्यार्थी की रिपोर्ट
