केसरिया महोत्सव में मैथिली ने समा बांधा

बौद्ध स्तूप से सटे मैदान में आयोजित तीन दिवसीय केसरिया महोत्सव के प्रथम दिन सुरमयी शाम सजी। ढलती शाम के साथ कार्यक्रम में भीड़ उमड़ने लगी.

केसरिया . बौद्ध स्तूप से सटे मैदान में आयोजित तीन दिवसीय केसरिया महोत्सव के प्रथम दिन सुरमयी शाम सजी। ढलती शाम के साथ कार्यक्रम में भीड़ उमड़ने लगी. कलाकार मंचों पर उतरकर एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुति देने लगे. कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को संगीत की सागर में देर रात तक डुबोए रखा. जैसे ही लोक गायिका मैथिली ठाकुर मंच पर उपस्थित हुई लोगों ने तालियों से उनका अभिवादन किया. मैथिली ने सम्यक सम बुद्ध तथागत तुम करुणा वर्षा ने वाले हो—की बंदना से शुभारंभ की। उसके बाद सारदा सिन्हा के गीत—पनिया के जहाज से पटनिया बनी अईह हो, पिया सेन्दूरा बंगाल से — प्रस्तुति कर शारदा सिन्हा की याद ताजा कर दी. उन्होंने सोहर जुग जुग जिअसु लालानावा आंगानावा के भाग जांगल हो ललना दिदिआ के जन्मे लालाना त मानावा में भाग जांगल हो. मैथिली ने जैसे ही “छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके…. ” को आवाज दी, उपस्थित जनसमूह झूम उठा. इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी. मिथिला में राम-सिया विवाह के लोकप्रिय गीत, “आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारो दुल्हा में बड़का कमाल सखिया… ” पर मैथिली को लोगों का खूब समर्थन मिला. इसके बाद कई गीतों की प्रस्तुति ने रात का शांत हवा में संगीत के स्वर के मिठास भरी दी.वही इसके पूर्व प्रिया वेंकटरमन की टीम शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति की. इस अवसर विधायक शालिनी मिश्रा, डीएम सौरभ जोरवाल व एसपी स्वर्ण प्रभात ने संयुक्त रूप अंगवस्त्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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