Motihari: तीन दिन तक भारी बारिश की संभावना कम

मानो मॉनसून के रुठने से बादलों ने मुंह मोड़ लिया है. आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच में धूप ने भी अपना प्रभाव जमाया है.

Motihari: मोतिहारी. मानो मॉनसून के रुठने से बादलों ने मुंह मोड़ लिया है. आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच में धूप ने भी अपना प्रभाव जमाया है. पिछले 24 घंटे में 2.4 डिग्री पारा गिरा है. इसके बाद भी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही. दिन भर लोग पसीने से व्याकुल रहे. मौसम विभाग से अलर्ट की एसएमएस तो आया, कई बार ऐसा लगा कि बारिश होगी, लेकिन नहीं हो सकी. कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी होकर रह गयी. पुरवा हवा ने 16.5 किलोमीटर प्रति घंटे चलने से शाम को मामूली राहत मिली. आद्रा नक्षत्र के चढ़ने पर किसान बारिश नहीं होने से व्याकुल हैं. इस नक्षत्र को धान रोपनी के लिए सबसे उपर्युक्त माना जाता है. खेती को ले घाघ घाघिन की कहावत है आद न बरसे आद्रा,अंत न बरसे हस्त ,त का करिहेन गृहस्थ. ऐसे में अब किसान तो पंपसेट चलाकर रोपनी का कार्य भी शुरू कर दिया है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अगले तीन दिन गरज-चमक के साथ बादलों की आवाजाही रहेगी और स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं बूंदाबांदी और हल्की बारिश हो सकती है. पुरवा हवा बंगाल की खाड़ी को झकझोर रही है. हवाएं नमी को लेकर आ रही है .बुधवार को हवा में नमी की प्रतिशत 70% रहा. दिन में धूप निकली उमस ने पूरे दिन लोगों को परेशान किया. पसीना शरीर से सूखने का नाम नहीं ले रहा था. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा मौसम विभाग ने 28 और 29 जून को माध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATENDRA PRASAD SAT

SATENDRA PRASAD SAT is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >