रक्सौल . भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र रक्सौल स्थित ऐतिहासिक काली मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर 501 कलश की स्थापना की गई है. यह परंपरा हर वर्ष नवरात्र के दौरान निभाई जाती है, जिसमें तांत्रिक विधि से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. मंदिर के पीठाधीश्वर सेवक संजय नाथ ने जानकारी देते हुए बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में हर दिन सुबह और शाम भस्म आरती होती है. इस विशेष आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से यहां पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस वर्ष भारत और नेपाल के अलावा अमेरिका, यूके, और खाड़ी देशों से भी भक्त काली मंदिर में कलश स्थापना करते है. मंदिर में नवरात्र के दौरान अनेक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं. सेवक संजय नाथ के अनुसार, महा सप्तमी के दिन मां दस मुखी काली का महा स्नान और महा आरती की जाएगी. साथ ही काल भैरव की विशेष पूजा भी संपन्न होगी. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्था की तैयारी की है. भक्तों में इस अनुष्ठान को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है, और मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा हुआ है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
