Motihari: नौकरी व शादी का झांसा दे लड़कियों को फंसा रहे मानव तस्कर

चंपारण का सीमावर्ती इलाका इन दिनों नाबालिग लड़कियों की तस्करी का ट्रांजिट रूट बनता जा रहा है.

Motihari: इन्तेजारूल हक,मोतिहारी. चंपारण का सीमावर्ती इलाका इन दिनों नाबालिग लड़कियों की तस्करी का ट्रांजिट रूट बनता जा रहा है. इसी मार्ग से देश के अलग अलग क्षेत्रों के लिए लड़कियों की तस्करी मानव तस्कर कर रहे हैं और अपने नापाक काली करतूतों को अंजाम दे रहे हैं. कभी लड़कियों को बेहतर नौकरी दिलाने का झांसा दे अपने जाल में फंसाया जा रहा है तो कभी शादी कराने का भरोसा दिलाकर महानगरों तक पहुंचाया जा रहा है. हाल के दिनों में रक्सौल रेलवे स्टेशन से बरामद चार लड़कियों से की गयी पूछताछ व काउंसलिंग से कई अहम चौंकाने वाली जानकारियां मिली है.इन लड़कियों को गोरखपुर ले जाया रहा था. सभी नेपाल की थीं और उन्हें नौकरी दिलाने के साथ शादी कराने का झांसा दे ले जाया जा रहा था.,रेलवे चाइल्ड लाइन,रेलवे सुरक्षा बल ह्यमन ट्रैफिकिंग टीम व प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर टीम की सक्रियता से इन लड़कियों की जिंदगी तबाह तबाह होते बची.

पांच दर्जन लड़कियों की हो चुकी है बरामदगी

सीमावर्ती क्षेत्रों से अब तक करीब पांच दर्जन लड़कियों की बरामदगी की जा चुकी है और मानव तस्करों की जाल से आजाद कराया गया है. अब तक करीब 50 केस दर्ज किये गये हैं. बरामद लड़कियों में नेपाल के अलावा भारत के सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों की नाबालिग लड़कियां हैं. जानकार बताते हैं कि यहीं से देश के अलग अलग क्षेत्रों के लिए नाबालिग लड़कियों को देश के महानगरों के लिए भेजे जाते हैं.

प्रेम के जाल में भी फंसकर मानव तस्करी का हो रही शिकार

नाबालिग लड़कियों को प्रेम के जाल में भी काफी अनोखे अंदाज में यहां फंसाया जाता है. सोशल मीडिया के दौर में मानव तस्कर अपना प्रोफाइल काफी आकर्षक बनाते हैं और लड़कियों से संपर्क करते हैं. पहले गिफ्ट दे उनका भरोसा जीतते हैं और फीर धीरे धीरे उन्हें अपने बस में करने के बाद महानगर ले जाते हैं जहां उन्हें बेच देते हैं या फिर अनैतिक कार्य कराते हैं.

ये एजेंसियां कर रही हैं पहरेदारी

सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए कई सरकारी व गैर सरकारी संगठनें काम कर रही हैं. इनमें एसएसबी,प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर,चाईल्ड लाइन,ह्यन ट्रैफिकिंग टीम व रेलवे पुलिस की लगातार पहरेदारी हो रही है. जहां भी किसी तरह की शिकायतें या सूचना प्राप्त हो रही है,टीम पहुंच अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है.

कहते हैं डीएम

यह एक गंभीर समस्या है और इस पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है. जिला सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में एसएसबी सहित अन्य संगठनें काम कर रही हैं. जनता को जागरूक होने की जरूरत है.

सौरभ जोरवाल,डीएम,पूर्वी चंपारण

कहते हैं सामाजिक कार्यकर्ता

जब भी जहां भी सूचनाएं मिलती हैं,टीम पहुंच अपने दायित्वों का निर्वहन करती है. बरामदगी के बाद केस दर्ज कर आगे की प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाता है.

डॉ. विजय शर्मा,सामाजिक कार्यकर्ता प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर

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Published by: Satendra prasad sat

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