Motihari: मोतिहारी. गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ जिले में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि होने लगी है. इसके साथ ही जिला अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. आग लगने की सूचना के साथ विभागीय दमकल घटना स्थल के लिए रवाना हो जाए और जल्दी पहुंचकर आग बुझाने में कामयाब हो जाए, इसके लिए पूरी तैयारी की गयी है. यूं कहें कि विभाग की अग्निपरीक्षा के दिन शुरू हो गये हैं. दस हॉस स्पॉट चिन्हित किये गये हैं जहां अग्नि कर्मियों के साथ दमकलों की तैनाती कर दी गयी है.शहर से लेकर गांवों तक मुस्तैदी बढ़ा दी गयी है.आग लगने पर कम से कम नुकसान हो,इसके लिए कई स्तर से एहतियाती कदम उठाये गये हैं. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग के पास पर्याप्त मात्रा संसाधन है,जिसका उपयोग किया जा रहा है.
.यह हैं चिह्नित 10 हॉट स्पॉट
अंचल कार्यालय छतौनी मोतिहारी, अंचल कार्यालय कोटवा, लखौरा, रक्सौल बाइपास, पलनवा थाना, संग्रामपुर थाना, अंचल कार्यालय मेहसी, अंचल कार्यालय फेनहारा पकड़ीदयाल,कुसमहवा चौक ढाका, गांधी चौक ढाका.
संसाधनों की नहीं है कमी, आग बुझाने के लिए तैनात हैं 36 दमकलें
जिले में आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है. जिले में कुल 36 वाहनें हैं,इनमें 15 बड़ी व 21 छाेटी शामिल है. पर्याप्त मात्रा में आगे बुझाने वाले कर्मी हैं. ट्रेंड अग्निचालक व अग्निक हैं. पानी के लिए विभाग के पास हाइड्रेंट है. जिला से लेकर अनुमंडलों तक आग बुझाने वाली गाड़ियां पूरी तरह से चुस्त व दुरूस्त हालत में हैं. कर्मियों को पूरी जिम्मेवारी तय कर दी गयी है और हर स्तर से मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है.
20 मिनट के अन्दर पहुंचेगा अग्निशमन का रिस्पॉन्स वाहन
गर्मी की बढ़ती तपिश को ले अग्निशमन विभाग भी पूरी तरह से मुस्तैद है. कहीं भी किसी तरह की कोई आग लगती है तो 20 मिनट के अन्दर विभाग का रिस्पॉन्स वाहन पहुंच जाएगा. विभाग के पास अभी 36 वाहन है जो पूरी तरह से चुस्त व दुरूस्त है. फायरमैन व चालक गाड़ी के साथ मुस्तैद कर दिये गये हैं. अग्निशमन दस्ता को पूरी तरह से तैयार रखा गया है. साथ ही आवश्यक फाेन नंबर जारी कर दिया गया है.हेल्प लाइन नंबर- 101,112
सदर मोतिहारी- 7485805980,81रक्सौल-7485805982पकड़ीदयाल- 7485805990,91सिकराहना-74855805988,81अरेराज- 7485805986,87व चकिया-7485805984,85इस तरह की सावधानियां बरतेंगे, तो खतरा होगा कम
– सुबह आठ बजे से पहले खाना बनाकर चुल्हा हर हाल में बुझा दें. खाना बनाते समय एक बाल्टी पानी जरूर रखें.-रात्रि में सात बजे के बाद ही चुल्हा जलायें.
– रात में सोने से पहले घरों की अच्छी तरह जांच कर सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद करे.– खलिहान के पास किसी तरह की आग नहीं जलाएं.
– बिजली के तारों के किसी भी जोड़ को ढीला व खुला नहीं छोड़ें.– जहां पर सामूहिक भोजन बनाने का काम हो, वहां पर एक बाल्टी पानी जरूर रखें.
– किसी भी जलती वस्तु को सोने से पहले जरूर बुझा दें.– आग लगने पर 101/112 नंबर डायल करें.
– भवनों के प्रवेश व निकास को किसी भी परिस्थिति में अवरुद्ध न करें.-विद्युत प्रभार के अनुपात में ही भवनों में मानक विद्युत तार व उपकरण लगाएं व समय-समय पर जांच कराएं.
– पुराने भवनों का फायर ऑडिट कराएं व अग्निशामक विभाग द्वारा दिये गये निर्देशों व सुझावों का पालन करें.– झोंपड़ी के आसपास सूखी घास, लकड़ी या अन्य ज्वलनशील सामग्री न रखें, खाना पकाने के दौरान ईंधन सुरक्षित स्थान पर रखें.– बिजली के तारों को ठीक से ढकें और क्षतिग्रस्त तारों को तुरंत बदलें.
कहते हैं अधिकारी
गर्मी को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की गयी है. आग कम लगे और लगने पर जान माल का नुकसान कम हो,इसके लिए पूरी मुस्तैदी बरती जा रही है.
रणजीत कुमार, अग्निशमन पदाधिकारी सदरडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
