Motihari : मन के कुसंगति के कारण कैकई ने दशरथ जी से मांगे दो वरदान :संत

देवरहा बाबा गुरुकुल आश्रम में चल रहे सद्गुरु महायज्ञ एवं श्री राम कथा के सातवें दिन संत छोटे बापू जी महाराज ने सीता माता की विदाई वन गमन केवट प्रसंग भरत चरित्र पर प्रकाश डाला.

Motihari : मोतिहारी. देवरहा बाबा गुरुकुल आश्रम में चल रहे सद्गुरु महायज्ञ एवं श्री राम कथा के सातवें दिन संत छोटे बापू जी महाराज ने सीता माता की विदाई वन गमन केवट प्रसंग भरत चरित्र पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि दशरथ जी महाराज के मन में राम राम जी को राजा बनाने का भाव जागृत हुआ. उन्होंने घोषणा कर दी कल राम राजा बनाए जाएंगे. मन के कुसंगति के कारण कैकई ने दशरथ जी से दो वरदान मांगे. श्री राम जी का वनवास और भरत जी के लिए राज्य सिंहासन परंतु श्री भरत जी ने अयोध्या के सिंहासन को इस प्रकार से त्याग दिया. जैसे कोई साधारण वस्तु का त्याग महापुरुष जन करते हैं. नंदीग्राम में जाकर के तपस्या पूर्वक जीवन व्यतीत करके भगवान की प्रतीक्षा करने में लगे , माता-पिता की सेवा भाई भाई का प्रेम समाज का कार्य यह सभी कर्तव्यों का सम्यक रूप से पालन करने की शिक्षा इस अयोध्या कांड से मिलती है. श्री राम कथा का शुभारंभ पटना के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज केसरी, डॉ मीनू मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया. यज्ञ संयोजक राम भजन ने बताया कि 6 अप्रैल कल रामनवमी के अवसर पर श्री राम कथा सुबह 9:00 बजे से प्रारंभ होगी और 12:00 बजे श्री रामनवमी जन्मोत्सव मनाया जाएगा.

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Published by: Satendra prasad sat

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