मोतिहारी. उत्तर बिहार में बारिश नहीं हुयी है, किसान परेशान है. ऐसे में सरकार उत्तर बिहार को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करे. साथ ही एसआईआर के नाम पर लोगों का मतदाता सूची से नाम हटाने का कुंठित प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है, जो सर्वथा अनुचित है. यह भारत के नागरिकों के संविधान प्रदत वोट देने के अधिकार, आजादी और लोकतंत्र पर हमला कर रही है. उक्त बातें रविवार को एक होटल में भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी के सदस्य सह बिहार राज्य के सचिव कृणाल ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही. उन्होंने कहा कि एसआईआर संबंधित दावे-आपत्तियों की सुनवाई की साप्ताहिक रिपोर्ट में किस वोटर का नाम वोटरलिस्ट में जोड़ा गया और किसका नाम काट दिया गया. इस ब्यौरा वोटरों को नहीं प्राप्त हो रहा है. वोट के समय उनको पता चलेगा कि उनका वोटरलिस्ट में नाम नहीं है. यह उन्हें वोट से संचित करने की कार्रवाई है, जो असंवैधानिक है. कृणाल ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा में पूरे बिहार में लोगों की उमड़ी भीड़ ने यह बता दिया है कि अब एनडीए सरकार जा रही है. ऐसे स्थिति में सरकार ने आशा, रसोइया, जीविका, गृहरक्षकों, महिलाओं एवं तबकों से झासापट्टी देना शुरू कर दिया है, जो धोखाधड़ी के अलावा कुछ नहीं है. संवाददाता सम्मेलन में भाकपा माले राज्य सचिव के साथ सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, जिला सचिव प्रभूदेव यादव, ऐपता नेत्री शबनम खातून, वरिष्ट माले नेता भैरोदयाल सिंह, जीतलाल सहनी, रूपलाल ठाकुर, दिनेश कुशवाहा, राजेश कुशवाहा, शंभूलाल राय, उपेन्द्र सहनी, शेख कुमारी देवी सहित अन्य नेतागण माैजूद थे.
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