नए राशन कार्ड अभियान से बढ़ी परेशानी, आपूर्ति पदाधिकारी कल से काला बिल्ला लगाकर करेंगे विरोध

बिहार में नए राशन कार्ड बनाने के विशेष अभियान के बीच, आपूर्ति सेवा संघ ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है. मैदानी स्तर पर संसाधनों की कमी और अत्यधिक दबाव को लेकर यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है.

Motihari News: बिहार में नए राशन कार्ड बनाने के विशेष अभियान के बीच विभागीय व्यवस्था को लेकर बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है. संघ का आरोप है कि सीमित समय में बड़ी संख्या में राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि मैदानी स्तर पर कंप्यूटर, स्कैनर, हाई-स्पीड इंटरनेट, मानव संसाधन और वाहनों जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी है. संघ का कहना है कि इससे आपूर्ति पदाधिकारियों पर काम का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है.

राशन कार्ड के लक्ष्य और संसाधनों की कमी पर सवाल

पूर्वी चंपारण जिला इकाई के संघ अध्यक्ष निमिशा और सचिव गौरव कुमार के अनुसार नए राशन कार्ड बनाने के लिए अधिकारियों को बड़ी संख्या में आवेदन निस्तारित करने का लक्ष्य दिया गया है. लेकिन इसके अनुपात में आवश्यक तकनीकी एवं मानव संसाधन उपलब्ध नहीं हैं.

संघ का कहना है कि सीमित संसाधनों में आवेदन की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और समय पर निर्णय लेना व्यवहारिक रूप से कठिन हो रहा है.

20 से 26 अगस्त तक काला बिल्ला लगाकर विरोध

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए विभाग को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन ठोस पहल नहीं हुई. इसके विरोध में 20 से 26 अगस्त तक सभी आपूर्ति पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे.

हालांकि संघ ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान आम जनता की सुविधा और जनहित के सरकारी कार्य सुचारू रूप से जारी रहेंगे.

मांगें नहीं मानी गईं तो बढ़ेगा आंदोलन

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा. इसके तहत सामूहिक अवकाश और अंततः अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है.

संघ ने सरकार से आपूर्ति पदाधिकारियों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करने की मांग की है.

30 दिन की वैधानिक अवधि के मुकाबले टी+3 का दबाव

संघ की मुख्य आपत्ति राशन कार्ड आवेदनों के निस्तारण के लिए निर्धारित समय-सीमा को लेकर है. संघ के अनुसार लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत राशन कार्ड जारी करने की वैधानिक अवधि 30 दिन है.

वहीं विभागीय निर्देशों के तहत स्थलीय जांच टी+1, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी की जांच टी+2 और अंतिम निर्णय टी+3 दिन के भीतर करने का दबाव है. संघ का कहना है कि बिना पर्याप्त संसाधनों के इतनी कम अवधि में पारदर्शी और त्रुटिरहित जांच करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है.

सरकार से व्यवस्था में सुधार की मांग

पूर्वी चंपारण जिला इकाई के अध्यक्ष निमिशा और सचिव गौरव कुमार ने संयुक्त रूप से सरकार से राशन कार्ड अभियान से जुड़े जमीनी स्तर के संसाधनों को मजबूत करने की मांग की. उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार होने से आम लोगों को भी समय पर और बेहतर सेवा मिल सकेगी.

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लेखक के बारे में

By Raj Nikhil

राज निखिल एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं. उन्हें विशेष रूप से क्राइम रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया में विशेष अनुभव है. वर्तमान में वह 'प्रभात खबर' से जुड़े हैं. इससे पहल वे 'न्यूज 18 लोकल', 'पब्लिक वाइल्ड डिजिटल' और 'सन्मार्ग' में सेवाएं दे चुके हैं.

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