मोतिहारी. अनन्य विशेष एनडीपीएस कोर्ट -2 के विशेष न्यायाधीश सूर्यकांत तिवारी ने चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक महिला अभियुक्त को दोषी करार दिया है. साथ ही दस वर्षो का कठोर कारावास एवं दो लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाया है. अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटने का आदेश दिया है. सजा झरौखर थाना के अठमुहान निवासी शेख शमशाद उर्फ मेराज की पत्नी खुशबू तारा को हुई. मामले में एसएसबी प्रभारी ने रक्सौल थाना कांड संख्या 04/2014 दर्ज कराया था, जिसमें कहा था कि 29 मार्च 2014 को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से एक महिला तस्करी के लिए मादक पदार्थ लेकर आ रही है. सूचना के आलोक में एसएसबी जवानों ने रक्सौल रेलवे स्टेशन के पास गुप्त रूप से जांच शुरू की. उसी दौरान करीब 11.30 बजे दिन में रक्सौल रेलवे स्टेशन के समीप महिला कांस्टेबल ने एक संदेहास्पद महिला को हिरासत में लिया. जांच के दौरान उसके कमर में बांधे 10.800 किलोग्राम चरस बरामद हुआ. एनडीपीएस वाद संख्या 10/2017 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा. न्यायाधीश ने धारा 20(बी)ii(सी) एवम् 23 (सी) एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए.
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