Madhubani News : कलि काल में अमृत के समान है श्रीमद्भागवत कथा

श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से स्वयं व पितरों का कल्याण होता है. कलिकाल में श्रीमद्भागवत कथा अमृत के समान है.

घोघरडीहा. श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से स्वयं व पितरों का कल्याण होता है. कलिकाल में श्रीमद्भागवत कथा अमृत के समान है. जो भवसागर के पार ले जाता है. यह बातें प्रखंड के कालीपुर गांव स्थित वार्ड आठ में बेचन कामत व सरस्वती देवी की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ में कथावाचक पं. राम लखन मिश्र ने कही. उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का माहात्म्य बताते हुए कहा कि भागवत श्रवण से भाव, ज्ञान की उत्पत्ति होती है एवं अहंकार का नाश होता है. त्रुषि-मुनि साधु-संत महात्मा भागवत के माध्यम से ही प्रतिष्ठापित हुए हैं. श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मातृ पितृ एवं गुरु पक्ष सहित 21 पीढ़ियों का कल्याण होता है. श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु उमड़े हैं. यजमान बेचन कामत ने बताया कि कथा श्रवण के लिए पहुंचने वाले श्रोताओं की सेवा में सपरिवार सहित ग्रामीण नथुनी कामत, कमारी कामत, लक्ष्मी कामत, पिंटू कामत, सिकंदर कामत सहित युवा ग्रामीण तत्पर रहने से मन को सुकून मिलता है.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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