Madhubani Art Portal: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मधुबनी ने मिथिला कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है. रामचरितमानस पर आधारित 108 मीटर लंबी विशाल मिथिला पेंटिंग ने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया. इस भव्य कलाकृति में रामायण की संपूर्ण गाथा को पारंपरिक शैली में 52 प्रमुख प्रसंगों के माध्यम से उकेरा गया है. इसके साथ ही कलाकारों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए 'मिथिला पेंटिंग-सह-ई-कॉमर्स पोर्टल' का भी विधिवत शुभारंभ किया गया.
चार दिन में 180 कलाकारों ने रची ऐतिहासिक कलाकृति
मिथिला चित्रकला संस्थान के करीब 180 वर्तमान एवं पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं ने महज चार दिनों के भगीरथ प्रयास से इस 108 मीटर लंबी पेंटिंग को तैयार किया:
- आध्यात्मिक संगम: चित्रों के साथ रामचरितमानस के दोहों व श्लोकों को उकेरा गया, जो कला और साहित्य का अनूठा संगम बना.
- पद्मश्री कलाकारों का मार्गदर्शन: इस निर्माण कार्य का मार्गदर्शन पद्मश्री बौआ देवी, पद्मश्री दुलारी देवी, पद्मश्री शिवन पासवान, डॉ. रानी झा, संजय जायसवाल और प्रतीक प्रभाकर ने किया.
- वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र: वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनियन के प्रतिनिधि क्रिस्टोफर ने डीएम आनंद शर्मा को विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र व मेडल सौंपा. यह पेंटिंग मिथिला ललित कला संग्रहालय में प्रदर्शित की गई है.
ई-कॉमर्स पोर्टल से कलाकारों को मिलेगा वैश्विक मंच
डीएम आनंद शर्मा के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुए ई-कॉमर्स पोर्टल से कलाकार अपने उत्पाद देश-विदेश में सीधे बेच सकेंगे. समारोह में राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और प्रभारी मंत्री लेसी सिंह ने इसे मिथिला की पहचान के लिए ऐतिहासिक कदम बताया. कार्यक्रम के अंत में संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया. इस अवसर पर एडीएम मुकेश रंजन झा व संस्थान निदेशक चंद्र शेखर प्रसाद सिंह सहित कई गणमान्य मौजूद रहे.
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