बेनीपट्टी. प्रखंड मुख्यालय के आंबेडकर चौक के निकट गुरुवार को भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार की ओर से प्रस्तुत 2025-26 के बजट को गरीब व श्रमिक विरोधी बताया. कार्यकर्ताओं ने कहा कि गरीब विरोधी बजट नहीं चलेगा. कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बजट की प्रतियां जलायी. वक्ताओं ने कहा कि यह बजट गरीबों, बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों के हक पर हमला है. वृद्धा पेंशन, महिलाओं के श्रम का उचित मूल्य और मनरेगा मजदूरों की मजदूरी में बढ़ोतरी की अनदेखी की गयी. सरकार ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, संविदा, मानदेय, आउटसोर्स और स्कीम कर्मियों के वेतन में 53 फीसदी वृद्धि व असंगठित मजदूरों को समग्र सामाजिक सुरक्षा देने की कोई घोषणा नहीं की गयी. गठबंधन सरकार का यह बजट आशा, रसोइया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जीविका, कार्यपालक सहायक, बेल्ट्रॉन के डाटा इंट्री ऑपरेटर, सफाई कर्मी, निर्माण मजदूर, इ-रिक्शा, टेंपो चालक और फुटपाथ दुकानदारों की अनदेखी की है. सरकार से ओपीएस लागू करने, सभी ठेका-मानदेय कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी, असंगठित मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा और सभी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की. प्रतिवाद सभा में मौजूद भाकपा (माले) के युवा नेता मयंक कुमार, श्याम पंडित, मदनचंद्र झा, कामेश्वर राम और अजीत कुमार ठाकुर ने भी अपने विचार व्यक्त किये. मौके पर सुनील ठाकुर, संजू मिश्र, रामाशीष राम, राजकुमारी देवी, प्रमिला देवी, बेचैनी देवी, राजेंद्र पासवान, सुनीता देवी सीता देवी व ललिता देवी आदि शामिल थीं.
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