Madhubani News : तेज पछिया हवा से लोगों का स्वास्थ्य हो रहा प्रभावित, बढ़ी मरीजों की भीड़

मौसम में हो रहे बदलाव व तेज पछिया हवा की वजह से लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है.

मधुबनी.

मार्च का महीना शुरू होते ही धीरे-धीरे ठंड में कमी होने से लोग राहत महसूस कर रहे थे. लोग गर्म कपड़े को बक्से में रखने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पछिया हवा के कारण सुबह शाम ठंड का असर बढ़ गया है. इस कारण लोगों को फिर से गर्म कपड़े का सहारा लेना पड़ रहा है. मौसम में हो रहे बदलाव व तेज पछिया हवा की वजह से लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है. इस कारण सर्दी, खांसी व बुखार सहित आर्थो मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गयी है. बुधवार को ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 350 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया. जिसमें सबसे अधिक मेल मेडिकल ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार, बीपी, डायबिटीज, टीवी सहित 125 मरीजों का इलाज डॉ. संतोष कुमार व डाॅ. दीपक कुमार ने किया.

वहीं, आर्थोपेडिक में ओपीडी में कमर दर्द, घुटना दर्द व जोड़ों के दर्द एवं अन्य रोग से ग्रस्त 112 मरीजों का इलाज डाॅ. फैजुल हसन व डॉ. रामनिवास शिंदे ने किया. स्त्री एवं प्रसूति ओपीडी में 104 गर्भवती एवं ल्युकोरिया की मरीजों का इलाज डाॅ. विद्या पाल ने किया गया. वहीं, सर्दी खांसी बुखार से पीड़ित महिला रोगियों को इलाज के लिए मेडिसिन ओपीडी में भेज दिया गया. बदलते मौसम में चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों एवं सामान्य लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. फैजुल हसन ने कहा कि इस बदलते मौसम में सतर्कता आवश्यक है. उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव आते ही लोग ठंड को भूल कर सामान्य व्यवहार करने लगते हैं, जो उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि ठंड शुरू होने एवं ठंड समाप्त होने के समय लोगों को अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.

32 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने की संभावना :

मौसम वेधशाला पूसा के अनुसार 5-10 मार्च तक पूर्वानुमान की अवधि में आसमान साफ व मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इस अवधि में अधिकतम तापमान 29-31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 15-17 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. आने वाले दो-तीन दिनों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने की संभावना है. इस अवधि में 5-10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा व 9 मार्च को तेज पूरवा हवा चलने की संभावना है.

दमा व बीपी के मरीज रखें अपना विशेष ख्याल:

सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. संतोष कुमार ने ने कहा कि इस समय दमा व ब्लड प्रेशर के मरीज अत्यधिक प्रभावित होते हैं. इसका मुख्य कारण सांस लेने वाले ग्रंथियों में सांस का अवरुद्ध होना है. इसके अधिकतर शिकार धूम्रपान का अधिक सेवन करने वाले मरीज होते हैं. बदलते मौसम में मरीजों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाती है. इन बीमारी से ग्रसित मरीजों को दवा का नियमित सेवन करना चाहिए. ऐसे लोग यदि सुबह की सैर करते हैं, तो उन्हें देर से सैर करना चाहिए. कोल्ड एक्सपोजर से भी ऐसे मरीज को बचना चाहिए. कोल्ड एक्सपोजर के कारण ब्लड प्रेशर के मरीज पैरालाइसिस के शिकार हो सकते हैं. सर्दी के मौसम में सबसे अधिक बचाव कोल्ड एक्स्पोजर से करना है. इसके साथ ही खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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