मधुबनी. भगवान परशुराम विचार मंच के तत्वावधान में 30 अप्रैल को शहर में परशुराम जयंती मनायी जाएगी. इस बात का निर्णय परशुराम जयंती को लेकर रविवार को आयोजित की गयी बैठक में लिया गया. बैठक को संबोधित करते हुए भगवान परशुराम विचार मंच के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र झा ने बताया कि परशुराम जयंती में ब्राह्मण समाज के विभिन्न जिलों के लोग भाग लेंगे. भगवान परशुराम के आदर्श को अपनाते हुए समाज की एकजुटता का संकल्प लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम सदैव सत्य-धर्म को आगे बढ़ाते रहे हैं. सामाजिक बनावट में उनके विचारों को अपनाया जाना चाहिए. जयंती पर भगवान परशुराम के प्रति समर्पित कई प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे. पारित प्रस्ताव में भगवान परशुराम के नाम पर समाज सेवा से जुड़ी योजनाओं को शामिल किया जाएगा. भगवान परशुराम के आदर्श को समाज के लोगों को अपनाने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के अवतार माने जाते हैं. धरती पर हो रहे अन्याय, अधर्म और पाप कर्मों का विनाश करने के लिए उनका जन्म हुआ था. उन्हें सात चिरंजीव पुरुषों में एक माना जाता है. वे भगवान शिव की कठोर साधना कर भगवान भोले को प्रसन्न किया था. जिसके बाद उन्होंने उन्हें कई अस्त्र-शस्त्र प्रदान किया था. जिसमें से एक परशु यानी फरसा उनका मुख हथियार था. वे भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महारथियों के गुरु भी थे. उन्होंने
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