Madhubani News: नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर तथा पटना में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को हरलाखी में छात्रों और स्थानीय लोगों ने आक्रोश मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई.
उमगांव अंबेडकर चौक से निकला मार्च
आक्रोश मार्च का नेतृत्व समाजसेवी निशांत शेखर, संजीव कुमार दास, शिवचंद्र मिश्रा, दानिश इकबाल, धर्मेंद्र दास, नवल किशोर यादव, अभिजीत कुमार, शिवचंद्र यादव, राघवेंद्र रमन, साहिद राजा, शिव लाल यादव, राजेंद्र यादव, मदन चंद्र झा, मुख्तार और मोहम्मद आलम सहित अन्य लोगों ने किया.
मार्च उमगांव अंबेडकर चौक से शुरू होकर बाजार चौक तक गया और पुनः अंबेडकर चौक लौटकर डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक के पास सभा में बदल गया.
वक्ताओं ने उठाए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है. उन्होंने कहा कि छात्र-युवा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, बेहतर शिक्षा और रोजगार के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
प्रदर्शनकारियों ने रखीं कई मांगें
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर कथित लाठीचार्ज बंद करने, महिला प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तथा दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए कथित दमन की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई.
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