Madhubani News : अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना नहीं, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

आषाढ़ मास में बादलों की लुका छिपी व पूरवा हवा भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं दे रही है.

मधुबनी.

आषाढ़ मास में बादलों की लुका छिपी व पूरवा हवा भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं दे रही है. सूर्योदय के साथ ही आसमान में उमड़-घुमड़ कर बादल छाए रहने के बाद भी लोग वर्षा की एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. इस बीच मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना नहीं होने की संभावना जताई है. ग्रामीण कृषि मौसम सेवा पुसा एवं मौसम विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में अच्छी वर्षा की संभावना नहीं जताई है. हालांकि 30 जून से 1 जुलाई के आस-पास कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. इस अवधि में 10-15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अगले दो दिनों में पूरवा हवा तथा इसके बाद पछिया हवा चलने की संभावना है.

मौसम विभाग ने 1 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. लोगों फिलहाल उमस भरी गर्मी का सितम झेलनी पड़ेगी. हालांकि मौसम के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. पिछले एक सप्ताह के अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान कमोवेश एक जैसी ही है. मौसम विभाग द्वारा जारी तापमान की बात करें तो रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस, सोमवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस, मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस, बुधवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस, गुरुवार को 34.4 डिग्री सेल्सियस, शुक्रवार को 34.2 डिग्री सेल्सियस एवं शनिवार को अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा.

गत 10 दिन पूर्व जिले में बारिश के साथ मानसून की दस्तक के बाद मौसम ने अपना तेवर बदल लिया. तेज धूप के चलते गर्मी व उमस से लोग परेशान हैं. जलजनित बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया. इसके कारण मच्छर का प्रकोप भी बढ़ गया है. डायरिया, जौंडिस, टायफायड सहित अन्य संक्रामक बीमारियों ने दस्तक दे दी है. हालांकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सदर अस्पताल तक जीवन रक्षक दवा का भंडारण किया गया है. बरसात में स्वस्थ रहने के लिए जल जनित रोगों से बचाव जरूरी है. दूषित पानी से डायरिया, टायफायड, जौंडिस, सर्दी-जुकाम सहित अन्य बीमारियों के फैलने की संभावना है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि मौसम में बदलाव का असर हमारे शरीर पर पड़ना स्वाभाविक प्रक्रिया है. इससे एलर्जी सहित अन्य बीमारियों की चपेट में लोग आ जाते हैं. बरसात में होने वाली बीमारियों से निपटने को लेकर स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से तैयार है.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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