Madhubani News: मधुबनी नगर निगम को अपनी दुकानों से किराया वसूलने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. निगम के कई बाजारों में दुकानदारों पर लाखों रुपये बकाया हैं, लेकिन इसके बावजूद वसूली की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है. वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद जारी आंकड़ों ने नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है. निगम को बाजार किराया के रूप में करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये अभी भी वसूलने हैं. पूरे साल में निगम सिर्फ 21.95 फीसदी किराया ही वसूल कर पाया.
कुल मांग 1 करोड़ 42 लाख रुपए
नगर निगम के पास शहर में कुल 230 दुकानें हैं, जिनसे हर साल लगभग 47 लाख रुपये राजस्व मिलने की उम्मीद रहती है. लेकिन बीते वित्तीय वर्ष में निगम केवल 31 लाख 36 हजार 153 रुपये ही वसूल सका. वहीं कुल मांग करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये की थी. इसमें 95 लाख रुपये पुराना बकाया और 47 लाख रुपये चालू वित्तीय वर्ष की मांग शामिल है. जानकारी के मुताबिक, कई दुकानों में गड़बड़ी की शिकायत भी सामने आ रही है. कुछ दुकानें किसी और के नाम आवंटित हैं, जबकि संचालन दूसरे लोग कर रहे हैं. आरोप है कि कई लोग निगम को कम किराया देकर दुकानों को ऊंचे दाम पर दूसरों को चला रहे हैं.
एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर दुकानें
नगर निगम की दुकानें गिलेशन मार्केट, पालिका बाजार, अशोक बाजार, थाना चौक और लोहारसारी चौक समेत कई इलाकों में स्थित हैं. लोगों का कहना है कि एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर दुकानें आवंटित हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए. मेयर अरुण राय ने कहा कि टैक्स कलेक्टर को बाजार किराया वसूली तेज करने का निर्देश दिया गया है. समय पर किराया जमा नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.
