महाकवि पं. लालदास जयंती को मिलेगा राजकीय दर्जा, कला संस्कृति पदाधिकारी ने किया निरीक्षण

Madhubani News: झंझारपुर के खरौआ में महाकवि पं. लालदास जयंती को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने के लिए जिला कला संस्कृति पदाधिकारी ने स्थल निरीक्षण किया. इस पहल से मिथिलांचल की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है. पढे़ं पूरी खबर…

मधुबनी के झंझारपुर से संजय कर्ण की रिपोर्ट

Madhubani News: मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखंड अंतर्गत खरौआ गांव स्थित लाल दास +2 उच्च विद्यालय परिसर में एक बड़ी प्रशासनिक पहल शुरू हुई है. यहाँ प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ‘महाकवि पं. लालदास जयंती सह स्मृति पर्व’ को अब दो दिवसीय राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने की कवायद तेज हो गई है. इसी सिलसिले में जिला कला संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार ने विद्यालय परिसर का दौरा किया और वस्तुस्थिति का विस्तृत जायजा लिया.

साहित्यिक विरासत को मिलेगी नई पहचान

लोकहित रंगपीठ सेवा संस्थान के सार्थक प्रयासों के बाद पहुंचे अधिकारी ने स्थानीय समिति द्वारा किए जा रहे साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यों की जमकर सराहना की. उन्होंने महोत्सव को राजकीय स्वरूप देने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और तकनीकी तैयारियों पर समिति के सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की. माना जा रहा है कि राजकीय दर्जा मिलने से महाकवि लालदास की साहित्यिक कृतियों और मिथिलांचल की गौरवशाली कला-संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी.

समिति सदस्यों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक

निरीक्षण के दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष अनूप कुमार कश्यप, उपाध्यक्ष अजय कुमार दास पिंटू, और प्रधानाचार्य सुजीत कुमार दास सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. महेंद्र कर्ण के नेतृत्व में टीम ने अधिकारी को आयोजन से जुड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारियां दीं. इस पहल से स्थानीय लोगों और साहित्य प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है.

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लेखक के बारे में

Published by: Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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