Madhubani News:मधुबनी जिले के मुख्य डाकघर में आरडी खाताधारक के साथ हुई लाखों की धोखाधड़ी मामले में डाक विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है. रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है. हालांकि, मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जबकि पीड़ित मो. तसलीम अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है.
व्हाइटनर लगाकर किया गया खेल
डाक अधीक्षक संतोष कुमार के अनुसार, जांच में यह पाया गया कि पीड़ित के पैसे निकालने के लिए कई स्तरों पर जालसाजी की गई. कर्मियों की मिलीभगत से मो. तसलीम के नाम का एक दूसरा फर्जी खाता खोला गया. एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस फॉर्म पर हस्ताक्षर की जगह व्हाइटनर लगाकर छेड़छाड़ की गई थी. इतना ही नहीं, बैंक रिकॉर्ड से पीड़ित का मोबाइल नंबर हटाकर दूसरा नंबर दर्ज कर दिया गया था ताकि उसे ट्रांजेक्शन की सूचना न मिले.
एजेंट के खाते में ट्रांसफर हुए 8.11 लाख
मामला तब खुला जब पता चला कि तसलीम की जमा पूंजी से 8 लाख 11 हजार 400 रुपये अवैध रूप से एजेंट साहिल सुमन के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए. इसके बाद यह रकम पीएनबी (PNB) के एक खाते में भेज दी गई. इस धांधली में डाक विभाग के तीन कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनसे पूर्व में पूछताछ भी की जा चुकी है.
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी के आदेश
सदर डीएसपी अमित कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं. नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, लेकिन उनकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
मधुबनी से रमण कुमार की रिपोर्ट
