Madhubani News: जिले के बाबूबरही प्रखंड अंतर्गत कमला किछेर इलाके में इन दिनों नीलगायों के आतंक ने किसानों की कमर तोड़ दी है. 20 से 25 की संख्या में नीलगायों का झुंड रात के अंधेरे में खेतों में घुसकर धान, मक्का, केला और सब्जियों की फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर रहा है. कमला नदी के तटीय इलाकों जैसे मधवापुर, लालपट्टी और बक्साही गांवों में स्थिति इतनी भयावह है कि किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने के बावजूद अपनी फसलों को बचाने में बेबस नजर आ रहे हैं.
रातों-रात बर्बाद हो रही बीघों की फसल
स्थानीय किसानों का कहना है कि नीलगायों का एक झुंड एक ही रात में दो से तीन बीघा फसल चट कर जाता है. दिन में भी ये झुंड खेतों के आसपास ही मंडराते रहते हैं, जिससे किसान खेत में काम करने से डर रहे हैं. फसलों की बर्बादी से किसानों की लागत और मेहनत दोनों डूब रही है. हालात इतने खराब हैं कि अब महिलाएं भी अकेले खेतों की ओर जाने से कतराने लगी हैं, क्योंकि नीलगाया अक्सर अचानक हमला कर देती हैं.
प्रशासन और वन विभाग से गुहार
परेशान किसानों ने वन विभाग और अंचल प्रशासन से मांग की है कि इन नीलगायों को पकड़कर सुदूर जंगली इलाकों में छोड़ा जाए. ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने नीलगायों के आतंक से मुक्ति नहीं दिलाई, तो वे खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे.
मधुबनी के बाबूबरही से अवनीश कुमार कर्ण की रिपोर्ट
