Madhubani News : बाल ह्रदय योजना के तहत इलाज के लिए चार बच्चों को भेजा अहमदाबाद

दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से काम कर रही है.

मधुबनी.

दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से काम कर रही है. बाल हृदय योजना के अंतर्गत गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा ह्रदय रोग से ग्रसित 4 बच्चों को आवश्यक जांच, इलाज एवं ऑपरेशन के लिए श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया. इससे पूर्व इन बच्चों का आइजीआइसी पटना में प्राथमिक उपचार किया गया. बाल हृदय योजना के तहत जिले के 120 से अधिक बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया है. विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग ने ह्रदय में छेद रहने पर बच्चों का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए बाल हृदय योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत चिह्नित बच्चों के साथ परिजनों को 102 एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए भेजने व घर वापसी के लिए नि: शुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल ह्रदय योजना की मदद से इन बच्चों का नि:शुल्क इलाज होता है. बच्चों का पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा आयोजित विशेष जांच शिविर मे चिकित्सक रोग की गंभीरता की जांच करते हैं. आवश्यकता पड़ने पर उनके ऑपरेशन की व्यवस्था अहमदाबाद में की जा जाती है. इस योजना के तहत बच्चों के इलाज तथा परिजन के आने जाने का सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है.

जिले के 4 बच्चों को भेजा गया अहमदाबाद

बाल हृदय योजना के तहत चिन्हित बच्चों मे मधेपुर प्रखंड निवासी जुबेर नदाफ का पुत्र जुनेद नदाफ, राजनगर निवासी अब्दुल रहमान का पुत्र मो. अरमान, मधेपुर निवासी प्रमोद मुखिया का पुत्र शिव कुमार मुखिया एवं पंडौल प्रखंड निवासी दिलीप दास का पुत्र शिवम कुमार पिता प्रमोद मुखिया मधेपुर, शिवम कुमार को दिल में छेद के ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजा गया है.

जरूरतमंद ह्रदय योजना का उठाएं लाभ

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विभिन्न रोग से ग्रसित 0 से 18 साल के बच्चों के लिए इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था है. इसमें बाल हृदय योजना भी शामिल है. इस योजना के तहत हृदय में छेद सहित विभिन्न तरह के हृदय रोग से ग्रसित बच्चों का नि:शुल्क इलाज किया जाता है. रोगग्रस्त बच्चों की पहले विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जरूरी जांच की जाती है. आवश्यकतानुसार पीड़ित बच्चों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला खर्च सरकार वहन करती है. उन्होंने कहा कि आम लोगों को सरकार की इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए

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By GAJENDRA KUMAR

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