मधुबनी.
बरसात में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए निगम ने तैयारी शुरू कर दी है. जलजमाव से निपटने के लिए हर वार्ड में पंपसेट लगाया जायेगा. जरूरत पड़ने पर पंपसेट की संख्या बढ़ाई जाएगी. वार्ड जमादार व वार्ड निरीक्षक को संचालन की जिम्मेदारी दी गई है. नगर आयुक्त अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पंपसेट लगाया जायेगा. वहीं, नाला निर्माण की भी प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए निगम ने सभी वार्डों में जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है. इसी क्रम में नगर निगम ने अभी तक कुल 15 नए पंपसेट खरीदे गये हैं. लगभग 10 पंपसेट पहले से ही निगम के पास है. इन सभी पंपसेटों का वितरण वार्ड के हिसाब से कर दी गयी है.कर्मियों को मिली जिम्मेवारी
हर वार्ड में कम से कम एक से दो पंपसेट लगाए जाएंगे. ताकि जलजमाव की स्थिति उत्पन्न होने पर पानी की निकासी हो सके. जरूरत पड़ने पर पंपसेटों की संख्या और बढ़ाई जाएगी. इस कार्य को व्यवस्थित तरीके से अंजाम देने के लिए टैक्स कलेक्टरों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. वार्डवार संचालन की जवाबदेही भी दी गई है. पंपसेटों के संचालन के लिए आवश्यक डीजल की आपूर्ति भी नगर निगम के माध्यम से की जाएगी. वार्ड निरीक्षक डीजल प्राप्त कर पंपसेटों को ऑपरेट करेंगे. वार्ड एक से पांच तक के लिए बबूले राम, वार्ड छह से 10 के लिए रहमान अबुखेरा वार्ड जमादार को काम पर लगाया गया है. सकी मॉनिटरिंग वार्ड निरीक्षक महेश राम करेंगे. इसी तरह वार्ड 11 से 15 के लिए विंदेश्वर राम व संतोष राम, वार्ड 16 से 20 के लिए मो. अलाउद्दीन व वार्ड निरीक्षक रौशन राम को दायित्व सौंपा गया है. वार्ड 21 से 25 के लिए वार्ड जमादार मुस्तुफा व वार्ड 26 से 30 के लिए जीतू राम रवि और मॉनिटरिंग के लिए वार्ड निरीक्षक वैद्यनाथ राम को प्रतिनियुक्त किया गया है. वार्ड 31 से 35 के लिए महेन्द्र राम व मुकेश राम, वार्ड 36 से 40 के लिए विनोद राम व गंगा राम प्रसाद, वार्ड 41 से 45 के लिए पवन राम व सत्तो राम को जिम्मेवारी दी गयी है.बनाए गये नोडल अधिकारी
नगर आयुक्त ने कहा कि इस अभियान की निगरानी के लिए दो अधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेवारी दी गयी है. बतौर नोडल पदाधिकारी नगर प्रबंधक राजमणि कुमार गुप्ता को दायित्व सौंपा गया है. स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन को फील्ड की मॉनिटरिंग की जिम्मेवारी सौंपी गई है. वे पूरे शहर में पंपसेट संचालन की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जलजमाव वाले जगहों पर तत्काल कार्रवाई हो. नगर निगम ने लगभग 37 जलभराव संभावित क्षेत्रों की पहचान की है. जहां पंपिंग सेट का उपयोग तत्काल करना अनिवार्य होगा. इन क्षेत्रों में पूर्व से जलनिकासी की समस्या रही है और बरसात के दौरान सड़कें जलमग्न हो जाती हैं. अबकी बार प्रशासन पहले से सतर्क है और समय रहते कार्रवाई कर रहा है.क्या कहते हैं अधिकारी
नगर आयुक्त अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि इस बरसात में किसी भी मोहल्ले या गली में जलजमाव की स्थिति नहीं उत्पन्न हो. इसके लिए सभी वार्ड निरीक्षकों को निर्देश दे दिए गए हैं कि बारिश की सूचना मिलते ही अपने दल के साथ पंपसेट लेकर मौके पर पहुंचें और जलनिकासी का काम शुरू करें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
