Madhubani News : पोषण वाटिका की हरी साग सब्जियों से सुधरेगी बच्चों की सेहत

बच्चों, किशोर-किशोरी, गर्भवती व धात्री महिलाओं की बेहतर स्वास्थ्य के लिए विटामिन, कैल्सियम, आयरन, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों का मिलना बहुत जरूरी होता है.

मधुबनी.

बच्चों, किशोर-किशोरी, गर्भवती व धात्री महिलाओं की बेहतर स्वास्थ्य के लिए विटामिन, कैल्सियम, आयरन, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों का मिलना बहुत जरूरी होता है. पोषक तत्वों से भरपूर खानपान को अपनाने पर ही एक सुपोषित समाज की परिकल्पना की जा सकती है. सुपोषित समाज की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से मधुबनी में आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण वाटिका बनायी जा रही है. यह पोषण वाटिका 300 वर्ग फीट में बनायी जाएगी.

विदित हो कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पूरक पोषाहार दिया जाता है. लेकिन अब इसमें नया प्रयोग करते हुए इस तरह की वाटियां विकसित की जा रही हैं. खासकर महिलाओं का सहयोग भी लिया जाएगा. इससे बच्चों और महिलाओं को असल में पोषण मिलेगा. हर सप्ताह को इन केंद्रों पर जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को इन वाटिकाओं में उगाई सब्जियों से सलाद, सब्जी बना कर खिलाने की योजना भी है.

गर्भवती और बच्चों को पोषण आहार जरूरी

महिलाओं और बच्चों के विकास एवं उनके स्वास्थ्य को बेहतर रखने में स्वस्थ और पोषक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका बनायी जा रही है, ताकि यहां आने वाले बच्चों, महिलाओं को भोजन के साथ पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जियां मिल सके. आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पौष्टिक साग-सब्जी उगाकर उन्हें भोजन के साथ परोसा जाएगा .

पोषण वाटिका निर्माण का उद्देश्य

पोषण अभियान के जिला समन्वयक स्मित प्रतीक सिन्हा ने बताया कि पोषण वाटिका निर्माण का उद्देश्य बच्चों एवं गर्भवती माताओं में एनीमिया और कुपोषण को दूर करना है. ताकि कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके. माना जाता है कि कुपोषण से लड़ने के लिए पौष्टिक आहार सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं. पौष्टिक आहार में भी हरी पत्तेदार सब्जियां एवं फल अति आवश्यक तत्व हैं.

रोल मॉडल बनाने की है तैयारीपोषण वाटिका में सीताफल, जामफल, अनार, संतरा, आम, मैथी, पालक, गाजर, मूली, आंवले सहित अन्य पौधे लगाए जायेंगे. खासियत ये है कि हर पौधे की क्यारी पर उसकी विशेषता, प्रोटीन, विटामिन्स, आयरन, कैल्शियम की जानकारी लिखी होगी, ताकि, केंद्र में आने वाले बच्चों को पेड़, फल को देखकर उससे मिलने वाले फायदे के बारे में पता चले. अच्छे खान-पान को लेकर बच्चों का रुझान बढ़े.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GAJENDRA KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >