Madhubani News: मिथिलांचल के प्रसिद्ध पुरातात्त्विक स्थल बलिराजगढ़ की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. खुदाई कार्य में असामाजिक तत्वों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने के बाद शनिवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया.
ग्रामीणों के साथ हुई बैठक
बलिराजगढ़ में आयोजित बैठक में एसपी योगेंद्र कुमार, सदर एसडीओ चंदन कुमार झा, एएसपी मनोज राम, इंस्पेक्टर खजौली अभय कुमार, बीडीओ संजय कुमार और सीओ लीलावती कुमारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से पुरातात्त्विक स्थल की सुरक्षा और संरक्षण में सहयोग करने की अपील की.
पुलिस पिकेट और CCTV लगाने का फैसला
बैठक में बताया गया कि फिलहाल स्थल पर एक पुलिस पदाधिकारी और दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जल्द ही यहां स्थायी पुलिस पिकेट खोली जाएगी. साथ ही 24 घंटे पुलिस गश्त की व्यवस्था की जाएगी.
अधिकारियों ने बताया कि स्थल पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और स्थानीय मुखिया से सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का आग्रह किया गया है, ताकि रात के समय भी निगरानी बनी रहे.
अवैध गतिविधियों पर प्रशासन सख्त
बैठक में यह बात सामने आई कि कुछ लोग अवैध रूप से यहां घूमने आते हैं और रात के अंधेरे में शराबियों का जमावड़ा भी लगता है. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंधित क्षेत्र है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
अधिकारियों ने बताया कि असामाजिक तत्व खुदाई स्थल पर लगाए गए रस्सी और खूंटे उखाड़ देते हैं. खुदाई में मिले अवशेषों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है, जिससे शोध और अध्ययन कार्य प्रभावित होता है.
खुदाई के महत्व को समझाने की अपील
मौके पर मौजूद एएसआई अधिकारियों ने ग्रामीणों को बलिराजगढ़ के ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक महत्व की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि खुदाई में मिल रहे अवशेषों को सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि यह क्षेत्र मिथिला के प्राचीन इतिहास से जुड़ा हुआ है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे इस धरोहर की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
