Madhubani News : विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मलेरिया की रोकथाम, नियंत्रण, उन्मूलन व जागरूकता के लिए हर वर्ष की तरह शुक्रवार को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया.

मधुबनी.

मलेरिया की रोकथाम, नियंत्रण, उन्मूलन व जागरूकता के लिए हर वर्ष की तरह शुक्रवार को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया. इस अवसर पर सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसका उद्देश्य मलेरिया के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इसके नियंत्रण एवं उन्मूलन के प्रयासों को मजबूत करना है. मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है. यह लाखों लोगों को प्रभावित करती है. विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में. इस बीमारी के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान शामिल है. विश्व मलेरिया दिवस मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण अवसर है. यह हमें इस बीमारी के बारे में अधिक जानने और इसके प्रसार को रोकने के लिए काम करने के लिए प्रेरित करता है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है. जो प्लास्मोडियम परजीवी के कारण होता है. हर वर्ष विश्व मलेरिया दिवस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एक थीम जारी किया जाता है. इस वर्ष की थीम “पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनर्जीवन ” रखा गया है.

4 तरह के होते हैं मलेरिया के परजीवी

जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने कहा है कि भारत में 65 प्रतिशत मलेरिया संक्रमण प्लाजमोडियम वाइवैक्स व 35 प्रतिशत संक्रमण प्लाजमोडियम फैल्सीपैरम के कारण होता है. छोटे बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं में इस रोग के प्रति प्रतिकार क्षमता अत्यंत कम होती है. जिसके कारण माता मृत्यु,, मृत शिशुओं का जन्म, नवजात शिशुओं का वजन अत्यधिक कम होना एक प्रमुख समस्या है. इसे रोकने के लिए गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व मलेरिया की जांच अनिवार्य की गई है. मलेरिया के परजीवी चार तरह के होते हैं. इसमें प्लाज्मोडियम वाइवैक्स एवं प्लाज्मोडियम फैल्सिपैरम टाइप के परजीवी जिले में पाया जाता है. मलेशिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है. जब यह मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो खून के साथ प्लाज्मोडियम उसके शरीर में आ जाता और वह व्यक्ति संक्रमित हो जाता है. वहीं पुनः जब किसी स्वस्थ मनुष्य को वह काटती है तो वह भी मलेरिया से संक्रमित हो जाता है. इस तरह एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में इसका प्रसार होता है.

मलेरिया रोग के लक्षण

डॉ. डीएस सिंह ने कहा कि मलेरिया के लक्षण मादा मच्छरों के काटने के छह से आठ दिन बाद शुरू हो सकता है. ठंड लगकर बुखार का आना और बुखार के ठीक होने पर पसीने का आना. थकान, सिरदर्द मांसपेशियों के दर्द, पेट की परेशानी, उल्टियां होना, बेहोशी आना, एनीमिया, त्वचा में पीली रंग की विकृति मलेरिया रोग के लक्षणों में शामिल है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GAJENDRA KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >