गर्भ में शिशु पर रहेगी नजर

सुविधा. सदर अस्पताल को हाइटेक करने की कवायद शुरू मधुबनी : सदर अस्पताल को हाइटेक करने की कवायद शुरू हो गयी है. इस क्रम में गुरुवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी मे डीएफबीएल व प्रसव कक्ष में सीटीजी उपकरण लगाया गया. जिले के हार्ट ब्लॉक मरीजों का अब सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार आसानी से […]

सुविधा. सदर अस्पताल को हाइटेक करने की कवायद शुरू

मधुबनी : सदर अस्पताल को हाइटेक करने की कवायद शुरू हो गयी है. इस क्रम में गुरुवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी मे डीएफबीएल व प्रसव कक्ष में सीटीजी उपकरण लगाया गया. जिले के हार्ट ब्लॉक मरीजों का अब सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार आसानी से उपलब्ध हो सकेगा. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगाये गये डी फीब्रीलेटर मशीन द्वारा शॉक दिया जायेगा. जिससे हार्ट ब्लॉक जैसे रोगो पर तत्क्षण काबू पाया जा सकेगा. इसके साथ ही इस उपकरण द्वारा इसीजी भी किया जायेगा. पूर्व में हार्ट ब्लॉक से पीड़ित मरीजों को सीधे रेफर कर दिया जाता था. लेकिन, इस उपकरण के लगने के बाद मरीज को भी रेफर से निजात मिलेगा.
कार्डियो टोको ग्राफी मशीन (सीटीजी)
इसके साथ ही सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष में कार्डियो टोको ग्राफी मशीन को स्थापित किया गया है. गर्भ में पल रहे गर्भस्थ शिशु की सभी प्रकार की गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है. इसके साथ ही टोको प्रेशर के जरिये यह पता लगाया जा सकता है, कि गर्भवती महिला का प्रसव नार्मल होगा या सिजेरियन. चिकित्सक बताते है, कि कभी-कभी गर्भस्थ शिशु गर्भ में सो जाता है. ऐसी स्थिति में इस मशीन में लगे वाइव्रेसन के जरिये शिशु को जगाया भी जाता है और हर्ट वीट व पोजीशन की जानकारी ग्राफिक के जरिये पता लगाया जा सकता है.
प्रतिनियुक्त होंगे चिकित्सक
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा बताते है कि डी फीव्रीलेटर चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति होगी. जिला अस्पताल में उक्त दोनों उपकरणों के लगने से मरीजों को काफी सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह मशीन जिला वासियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है.

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