मधुबनीः जिले में माप तौल विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है. इस कारण समय पर ना तो जिले में माप तौल का निरीक्षण हो पा रहा है. ना ही अन्य कार्य का निष्पादन ही समय से हो पाता है.
राजस्व वसूली के मामले में यह विभाग विगत साल से अधिक राजस्व वसूली कर चुका है. साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में दिये गये लक्ष्य को पूरा करने के लिये जिले में व्यापक रूप से कैंप का आयोजन किया जा रहा है.
कर्मचारियों का अभाव
माप तौल विभाग मात्र चार कर्मचारी के भरोसे चल रहा है. जिले में इंस्पेक्टर एवं कर्मचारियों सहित 12 पद स्वीकृत है.इसके विरुद्ध मात्र चार कर्मचारी कार्यरत है. इसमें सदर में एक इंस्पेक्टर, सहायक इंस्पेक्टर एक लिपिक व झंझारपुर में एक इंस्पेक्टर पदस्थापित है. जबकि जिले में माप तौल के चार सेंटर काम कर रहा है.
इन चारों सेंटरों का काम इन्हीं चार लोगों के भरोसे चल रहा है. कर्मचारियों की कमी के कारण जिले में ना तो पेट्रोल पंप के माप तौल का निरीक्षण हो पा रहा है और ना ही बाजार में व्यापारियों के माप तौल का ही निरीक्षण किया जाता है. इस कारण ग्राहकों को कम वजन वाले वाट से सामान दिया जाता है.
राजस्व वसूली की स्थिति
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में राजस्व वसूली में माप तौल विभाग की उपलब्धि संतोष जनक है. विगत वर्ष की तुलना में इस साल अब तक करीब चार लाख रुपये अधिक वसूली की जा चुकी है.
चालू वित्तीय वर्ष में माप तौल विभाग लक्ष्य 38.175 लाख के विरूद्ध 22.87 लाख की वसूली कर चुका है.
माप तौल का सत्यापन
विभाग द्वारा अब तक 6438 प्रतिष्ठान का सत्यापन किया गया है. इसमें सदर में 2553, बेनीपट्टी में 1116,झंझारपुर में 1365, फुलपरास में 827 प्रतिष्ठान सत्यापित किया गया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत माप तौल इंस्पेक्टर मुजफ्फर आलम ने बताया कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है. इस कारण क्षेत्र में छापेमारी नहीं की जा रही है.
